मिसाइल मैन एपीजे अब्दुल कलाम का चंडीगढ़ से खास कनेक्शन
पूर्व राष्ट्रपति, मिसाइल मैन और वैज्ञानिक डॉ. एपीजे
हमारे बीच नहीं रहे। डॉ. कलाम का चंडीगढ़ से गहरा नाता रहा है। कैसे,
जानिए यहां?
मिसाइल मैन एपीजे अब्दुल कलाम का चंडीगढ़ से खास कनेक्शन
पूर्व राष्ट्रपति, मिसाइल मैन और वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम अब हमारे बीच नहीं रहे। डॉ. कलाम का चंडीगढ़ से गहरा नाता रहा है। डॉ. कलाम बीते वर्ष जीएमसीएच 32 के सातवें कन्वोकेशन में डाक्टरों को डिग्री देने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने मात्र एक घंटे में ही डॉक्टरों का माइंडसेट बदल दिया। कलाम से सभी डॉक्टर प्रभावित दिखे। उन्हें देखने और मिलने के लिए डॉक्टरों की भीड़ उमड़ पड़ी।
मिसाइल मैन एपीजे अब्दुल कलाम का चंडीगढ़ से खास कनेक्शन
जीएमसीएच 32 के सातवें कन्वोकेशन में डॉ. कलाम को सुनने वाले सभी डॉक्टर उनके व्यक्तित्व से काफी प्रभावित दिखे। सभी ने कहा कि कलाम को सुनकर किसी का भी मकसद बदल सकता है। साल 2005 बैच से पास आउट डॉ. मोहित भूटानी को जब पूर्व राष्ट्रपति ने कन्वोकेशन के दौरान डिग्री दी तो उन्होंने डॉ. भूटानी से पूछ लिया कि वे रोजाना कितने मरीज देखते हैं?
मिसाइल मैन एपीजे अब्दुल कलाम का चंडीगढ़ से खास कनेक्शन
डॉ. भूटानी ने जवाब दिया कि 50-70 मरीज। कभी कभार 100 भी। डिग्री देने के बाद कलाम ने डॉक्टरों को अपने अंदाज में उनके असल मकसद के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम खत्म होने के बाद अमर उजाला के संवाददाता ने जब उनसे पूछा कि वे अब कितने मरीज देखेंगे तो जवाब था कि इसकी कोई सीमा नहीं। क्षमता से ज्यादा मरीजों की सेवा करेंगे।
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मात्र डेढ़ घंटे में ही डॉ. भूटानी का माइंडसेट बदल गया। उन्होंने बताया कि वे कलाम के व्यक्तित्व से काफी प्रभावित हैं। कलाम को सुनकर किसी का भी मकसद बदल सकता है। डाक्टरों को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि एक सफल डाक्टर के पास छह गुण जरूर होने चाहिए। यदि इनमें से कोई गुण नहीं है तो वह डाक्टर नहीं है।