पुलिस को देख कांपीं युवतियां...आखिर ये तो होना ही था
लुधियाना में नाका लगाकर खड़ी ट्रैफिक पुलिस को सामने देख स्कूटी सवार दो युवतियों के हाथ कांपने लगे और वह धड़ाम से सड़क पर जा गिरीं। देखिए, आगे क्या हुआ।
पुलिस को देख कांपीं युवतियां...आखिर ये तो होना ही था
हुआ यूं कि फिरोज़पुर रोड पर पीएयू गेट नंबर दो के समक्ष ट्रैफिक पुलिस का नाका था। ट्रैफिक पुलिस ने नाके पर बिना हेल्मेट दोपहिया वाहनों को रोक कर उनको दो ऑप्शन दिए गए, चालान कराएं या हेल्मेट खरीदें। करीब 137 लोगों के चालान हुए, जबकि 200 लोगों ने हेल्मेट खरीदे।
पुलिस को देख कांपीं युवतियां...आखिर ये तो होना ही था
इसी दौरान 2 लड़कियां स्कूटी पर आईं तो पुलिस ने उन्हें भी रुकने का इशारा किया लेकिन वह घबराहट के कारण सड़क पर गिर पड़ीं। हालांकि पुलिस ने दोनों को तुरंत संभाल लिया लेकिन उन्हें मामूली चोटें लग गई। पुलिस टीम ने युवतियों को समझाया कि ऐसे हालात में हेल्मेट डाल कर ज़्यादा गंभीर चोट लगने से बचा जा सकता है।
पुलिस को देख कांपीं युवतियां...आखिर ये तो होना ही था
वहीं, लड़कियों ने बताया कि बाइक सवार 2 युवक उनका पीछा कर रहे थे और पुलिस को देखकर ही वह तेज़ी से आईं थीं, स्लिप हो गई। कार्रवाई का नेतृत्व जिला परिवहन अधिकारी अनिल गर्ग एवं एसीपी ट्रैफिक डा. ऋचा अग्रिहोत्री ने किया। लड़कियों को भी रोक रोक कर उनको हेल्मेट पहनने के लिए कहा गया। लुधियाना में लड़कियों को हेल्मेट पहनने की आदत नहीं है, जबकि केवल तीस फीसदी पुरुष ही हेल्मेट का उपयोग करते हैं।
पुलिस को देख कांपीं युवतियां...आखिर ये तो होना ही था
एसीपी ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस का मकसद शहर में हेल्मेट कल्चर को डेवलप करना है। रोजाना लोगों के 300 से 400 चालान किए जा रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से रोजाना करीब सौ लड़कियों के चालान किए जा रहे हैं। शहर में पिछले एक साल में एक्सीडेंट में 23 फीसदी की कमी आई है।