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लड़कियों बहादुर बनो! डरना नहीं, डराना...मुश्किल में फंसे तो ये कदम उठाना, 8 क्लिक करके जानिए

Tue, 03 Dec 2019 09:18 AM IST
खुशबू गोयल अमित गुप्ता, अमर उजाला, चंडीगढ़
अमित गुप्ता, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 03 Dec 2019 09:18 AM IST
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Tips for Girls Safety, self defence, priyanka reddy
कैंडल मार्च - फोटो : अमर उजाला
लड़कियों को बहादुरी से डटकर मुसीबतों का सामना करना होगा और जब घर से बाहर जाएं, अकेली हों तो कुछ बातों का विशेष ध्यान रखकर इज्जत और जान बचा सकती हैं।
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कैंडल मार्च - फोटो : अमर उजाला
तेलंगाना में महिला डॉक्टर की गैंगरेप के बाद हत्या से पूरा देश सिहर उठा है। इस जघन्य अपराध ने निर्भया कांड की याद दिला दी है। इससे डर और हावी हो गया है। लड़कियां फिर से खुद को असुरक्षित महसूस करने लगी हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब कोई लड़की मुसीबत में फंसे तो उसे क्या करना चाहिए? मुश्किल वक्त का वह सामना कैसे करे। पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सफर करते समय किन बातों का ध्यान रखना होगा? एहतियात के तौर पर पैरेंट्स, लड़कियों, महिलाओं और शुभचिंतकों को क्या कदम उठाने चाहिए, ताकि इस तरह की घटना उनके किसी अपने के साथ न घटे। इन सब सवालों का जवाब देती एक विशेष रिपोर्ट।
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कैंडल मार्च - फोटो : अमर उजाला
रात के वक्त बेटियां हों बाहर तो पुलिस की इस सुविधा का उठाएं लाभ
चंडीगढ़ पुलिस ने रात के वक्त महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंध किए हैं। रात दस बजे के बाद अगर कोई महिला या लड़की घर जाते वक्त असुरक्षित महसूस करती है तो वह 112, 100, 0172-2749194, 0172-2744100 पर कॉल कर चंडीगढ़ पुलिस की पिक एंड ड्राप सुविधा उठा सकती है। कॉल करते ही तीन मिनट के भीतर चंडीगढ़ पुलिस की पीसीआर वैन आएगी। पीसीआर वैन में एक महिला पुलिसकर्मी रहती है, जो महिला को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएंगी। यह सुविधा साल 2016 में शुरू हुई थी। साल 2016 में 32, 2017 में 14, साल 2018 में 41 और इस साल अब तक 67 महिला पिक एंड ड्राप की सुविधा उठा चुकी हैं।
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कैंडल मार्च - फोटो : अमर उजाला
याद रखें इन नंबरों को मोबाइल पर सेव रखें
युवतियों को कुछ नंबर हमेशा याद रखने चाहिए। ये नंबर उन्हें मोबाइल पर डायरेक्ट डायल के ऑप्शन पर रखना होगा। ये नंबर 112, 1091 है। गृह मंत्रालय ने हाल ही में 100 नंबर के बजाए 112 को इमरजेंसी नंबर बना दिया है। यदि किसी को ऐन वक्त पर 112 याद नहीं आता है तो वह 100 नंबर भी डायल कर सकती हैं। 112 नंबर डायल होने पर वह सीधे पुलिस के कंट्रोल रूम में चला जाएगा। चंडीगढ़ पुलिस का दावा है कि कंट्रोल रूम में सूचना पहुंचते ही पीसीआर वैन आपकी लोकेशन पर मात्र तीन मिनट में पहुंच जाएगी। युवतियों व महिलाओं को एक बार हेल्पलाइन पर फोन कर जांच भी कर लेना चाहिए कि इन नंबरों को मिलाने पर क्या रिएक्शन मिलता है।
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विरोध करते छात्र। - फोटो : अमर उजाला
सेल्फ डिफेंस की प्रैक्टिस जरूर करवाएं
मुश्किल वक्त पर मुकाबले के लिए अपनी बेटियों को सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण जरूर दिलवाएं। इससे बच्चियों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे किसी भी खतरे के दौरान अच्छी तरह से रिएक्ट कर पाएंगी। चंडीगढ़ पुलिस भी इस तरह का प्रशिक्षण दिलाती हैं। समय समय पर वह मुफ्त कैंप का आयोजन करती हैं। ‘स्वयं’ नाम से ट्रेनिंग सेेंटर में सैकड़ों लड़कियां स्नैचिंग, छेड़छाड़, मारपीट, अपहरण से खुद का बचाव करने का प्रशिक्षण दिया जाता है। चंडीगढ़ पुलिस अब तक 175 कैंप में 24609 लड़कियों को चंडीगढ़ पुलिस ट्रेंड कर चुकी है। जबकि पुलिस ने इस वर्ष शहर के अलग अलग स्कूल, कालेज, इंस्टीट्यूट और स्लम एरिया में 60 कैंप लगाकर 8620 लड़कियों और महिलाओं को ट्रेंड किया जा चुका है। जो किसी मुसीबत पर अपनी और दूसरों की रक्षा कर सकती हैं।
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