16 साल बाद बहुचर्चित पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में फैसला सुनाया गया। इस कारण पंचकूला को सील कर दिया गया था। हरियाणा और पंजाब में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात की गई। कई इलाकों में धारा 144 लगाई गई, तस्वीरें में देखिए और जानिए क्यों हैं ऐसे हालात।
इस मामले में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम मुख्य आरोपी है। बाबा के साथ तीन अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया। राम रहीम की पेशी सुनारिया जेल से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई।। अन्य तीन आरोपी कोर्ट में प्रत्यक्ष रूप से पेश हुए।
पिछली बार की तरह इस बार भी बवाल न हो, इसके लिए पंचकूला समेत हरियाणा और पंजाब में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पुलिस और प्रशासन ने पेशी के मद्देनजर कोर्ट परिसर और पंचकूला की सुरक्षा बढ़ा दी। सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। धारा 144 लगा दी गई। जज की सुरक्षा बढ़ाने के साथ कोर्ट परिसर में 240 जवान तैनात किए गए। पंचकूला के चार एंट्री प्वाइंट समेत 17 नाकों पर करीब 1200 सशस्त्र जवान तैनात रहे।
डीसीपी कमलदीप गोयल ने बताया कि मीडिया को भी कोर्ट से 200 मीटर की दूरी पर रखा गया। शहर में स्थित नाम चर्चा घरों के आसपास भी जवानों को तैनात किया गया। ट्रैफिक पुलिस ने माजरी चौक से लेकर बेला विस्ट तक रूट को डायवर्ट कर वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया। धारा-144 लागू कर शहर में एक साथ चार से पांच लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया। आदेश का उल्लंघन करने की कोशिश करने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
डीसीपी ने बताया कि डेरा प्रमुख की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग से होगी, लेकिन शहर में शांति और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए। नौ बटालियन अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई। कोर्ट परिसर में वकील समेत निजी कार्य के लिए आने वाले लोगों को बिना चेकिंग के प्रवेश नहीं होने दिया गया। इसके साथ वकीलों और लोगों के वाहनों की पार्किंग के लिए सूरज थियेटर के पास स्थान निर्धारित किया गया।