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अभी भी GST के झटके झेल रही है भारतीय सेना की कैंटीन, जानिए कैसे?

Fri, 28 Jul 2017 09:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 28 Jul 2017 09:38 AM IST
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Supply of products Stopped in CSD canteens due to GST
जीएसटी लागू होने के बाद अभी तक सेना के अधीनस्थ सीएसडी (कैंटीन स्टोर डिपो) उबरी नहीं है, जिसका खामियाजा सेना के अफसरों व जवानों को भुगतना पड़ रहा है। 
Supply of products Stopped in CSD canteens due to GST
GST
इन कैंटीनों में उत्पादों की सप्लाई लगभग ठप पड़ी है। ये कैंटीनें मंदी के दौर से गुजर रही हैं। 
Supply of products Stopped in CSD canteens due to GST
GST - फोटो : File Photo
तीस जून आधी रात को देशभर में जीएसटी लागू होने के बाद से सैन्य क्षेत्रों में स्थित तमाम सीएसडी में भी असमंजस की स्थिति बन गई थी। क्योंकि इन कैंटीनों में विभिन्न तरह के माल का काफी स्टॉक मौजूद था। सब एरिया हेडक्वार्टर के अंतर्गत उत्तर भारत के सैन्य क्षेत्रों में भी काफी संख्या में सीएसडी मौजूद हैं, लेकिन अब चूंकि सीएसडी में मौजूद तमाम उत्पाद भी जीएसटी के दायरे में आ गए, इसलिए सीएसडी संचालकों को भी इस बाबत हाईकमान से दिशा-निर्देशों का इंतजार था।
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Supply of products Stopped in CSD canteens due to GST
GST
बाद में यह स्पष्ट हो गया कि सीएसडी में भी तमाम माल जीएसटी की जद में ही रहेगा, इसलिए बड़ी चुनौती यह बनी कि इन सीएसडी में पड़ा पुराना स्टॉक जल्द से जल्द क्लीयर किया जाए। अब जीएसटी लागू होने के 27 दिन बाद तमाम सीएसडी में उत्पादों का स्टॉक तो लगभग खत्म हो गया है, लेकिन उत्पादों की सप्लाई न के बराबर है। इसके चलते ये सीएसडी धीरे-धीरे खाली होते जा रही हैं और इस वक्त जबरदस्त मंदी की जद में हैं।
 
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Supply of products Stopped in CSD canteens due to GST
जीएसटी
भटक रहे जवान और अफसर
जीएसटी में उत्पादों के अभाव में सेना के जवान और अफसरों को न केवल भटकना पड़ रहा है, बल्कि उन्हें अच्छी खासी चपत भी लग रही है। क्योंकि यहां सीएसडी में सैन्य कर्मियों को विभिन्न उत्पाद एमआरपी से काफी सस्ती दरों पर मिलते हैं, लेकिन चूंकि अधिकतर सीएसडी उत्पादों से खाली हो रहे हैं, तो रोजमर्रा के सामान की पूर्ति के लिए सैन्य कर्मियों को सिविल बाजारों का रुख करना पड़ रहा है और वहां से महंगा सामान खरीदना पड़ रहा है।
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