हरियाणा के लाल का कमाल, 20 KM पैदल चाल में जीता गोल्ड, प्रेरक है पूरी कहानी
पैदल चाल में राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतने वाले संदीप पूनिया को कुश्ती में रुचि थी। वह कुश्ती के लिए अभ्यास भी करते थे। सेना में भर्ती होने तक उन्हें पैदल चाल खेल के बारे में जानकारी तक नहीं थी। वर्ष 2008 में उन्होंने इस खेल का अभ्यास शुरू किया। छठे साल वर्ष 2014 में उन्होंने एशियाड में कांस्य पदक जीता और आठवें साल में रियो ओलंपिक तक पहुंचने में कामयाब रहे।
संदीप पूनिया गांव सुरहेती जाखल के निवासी हैं। उनके पिता प्रीतम सिंह गांव में खेतीबाड़ी का काम करते हैं। पिता ने उन्हें सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित किया। संदीप सेना में भर्ती होने से पहले दौड़ व कुश्ती का अभ्यास करते थे। 15 सितंबर 2006 में वह सेना में भर्ती हुए। जाट रेजिमेंट में सैनिक के पद पर भर्ती होने के बाद कोच कैप्टन सीताराम ने उन्हें पैदल चाल खेल के बारे में बताया।
जनवरी 2008 से उन्होंने इसका अभ्यास शुरू किया। वर्ष 2014 में एशियाड खेलों में उन्होंने कांस्य पदक जीता। एशियाड खेलों में 3 घंटे 50 सेकेंड में 50 किलोमीटर की पैदल चाल पूरी करने पर उनको कांस्य पदक मिला था। वर्ष 2016 में उन्होंने रियो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। संदीप ने ओलंपिक में 50 किलोमीटर पैदल चाल में देश का प्रतिनिधित्व किया था। रियो ओलंपिक में वह मौसम अनुकूल न होने के कारण मेडल से चूक गए थे। 2018 के एशियन खेलों में भी संदीप मेडल से चूक गए।
हरियाणा सरकार ने दिया भीम अवॉर्ड
खेल उपलब्धियों के चलते हरियाणा सरकार ने वर्ष 2017 में संदीप पूनिया को भीम अवॉर्ड प्रदान किया। भारतीय सेना ने उनकी उपलब्धियों के आधार पर उन्हें सूबेदार पद पर पदोन्नत किया। फिलहाल संदीप पूनिया लखनऊ स्थित जाट रेजिमेंट की 16वीं बटालियन में तैनात हैं।
पिता गांव में कर रहे खेतीबाड़ी
संदीप के पिता प्रीतम सिंह गांव में खेतीबाड़ी करते हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें सुबह संदीप ने ही गोल्ड मेडल जीतने की बात बताई। जिस पर पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। जल्द ही वह छुट्टी लेकर घर आएगा तब मिठाई बांटेंगे। उसके हाथ से ही प्रसाद भी चढ़वाएंगे। उनके भाई सुरेंद्र सिंह भी खेतीबाड़ी में पिता का हाथ बंटाते हैं। संदीप की करीब दस साल पहले शादी हुई। उनकी पत्नी गीता, सात साल की बेटी सोनत, चार साल का बेटा इशांत उनके साथ ही रहते हैं।
रोजाना 70 किलोमीटर किया अभ्यास
सूबेदार संदीप पूनिया ने बताया कि एशियाड के समय से वह लगातार अभ्यास कर रहे हैं। ओलंपिक व एशियाड में वह 50 किलोमीटर पैदल चाल में हिस्सा लेते हैं। इसके लिए वह रोजाना 60 से 70 किलोमीटर रोजाना पैदल चलकर अभ्यास करते थे। अब भी रोजाना 50 किलोमीटर तक चलकर प्रैक्टिस करते हैं।