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छात्रा ने SSP से पूछा- कोई परेशान करे और पुलिस साथ न दे तो क्या करें...मिला ये जवाब, देखिए

Sun, 06 May 2018 10:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 06 May 2018 10:05 AM IST
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ssp shashank anand in police ki pathshala in chandigarh
पुलिस की पाठशाला
‘अमर उजाला’ फाउंडेशन की ओर से आयोजित ‘पुलिस की पाठशाला’ में एसएसपी शशांक आनंद ने छात्राओं के सवालों के जवाब दिए, पढ़िए।
ssp shashank anand in police ki pathshala in chandigarh
पुलिस की पाठशाला
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सेक्टर 22 ए स्थित गवर्नमेंट माडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शुक्रवार को आयोजित पुलिस की पाठशाला में चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस के एसएसपी आईपीएस शशांक आनंद ने कहा कि गेड़ी रूट के चक्कर लगाने वाला नहीं, बल्कि हेल्मेट पहनने वाला और लड़कियों की इज्जत करने वाला असली हीरो है।
ssp shashank anand in police ki pathshala in chandigarh
पुलिस की पाठशाला
लड़कियों को सशक्त बनाने पर जोर देते हुए एसएसपी ने कहा कि यदि उन्हें कोई परेशान करता है, अश्लील मैसेज भेजता या बदतमीजी करता है तो उसकी अनदेखी न करें। वे इस बारे में अभिभावक, टीचर, भाई-बहन, पुलिस या मीडिया को सूचित करें। चुप रहने से अपराधियों के हौसले बुलंद होते हैं और आगे जाकर वे बड़ी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते हैं। 
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पुलिस की पाठशाला
सवाल : सर, मैं प्राइवेट बस से आती हूं, मेरा ड्राइवर कहता है कि लड़कियों को ड्राइविंग नहीं आती। (वंशिका यादव, दसवीं क्लास)
जवाब :
अधिकतर पुरुषों की यही मानसिकता है, जबकि महिलाओं में पुरुषों से ज्यादा सहनशीलता और संवेदनशीलता है। वे पुरुषों से ज्यादा ताकतवर होती हैं, इसलिए उन्हें दबाने की कोशिश की जाती है। यदि कोई ऐसे कमेंट करता है तो उसका जवाब दें। परेशान करे तो पुलिस के कंट्रोल रूम नंबर 100 और हेल्पलाइन नंबर 1091 पर कॉल कर सकते हैं। रॉक स्टार फिल्म का गाना साड्डा हक, एत्थे रख। इसे हमेशा याद रखें।

 
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पुलिस की पाठशाला
सवाल : कहते हैं कि पुलिस फ्रेंडली होती है, मगर मेरा एक अनुभव रहा है, जिसमें पुलिस ने मेरे पापा को बेवजह परेशान किया। बदतमीजी की, जबकि उनके पास स्कूटर के पूरे कागज थे। (प्रिंस, बारहवीं)
एसएसपी :
सालों से इस समस्या से जूझ रहे हैं। दरअसल पुलिस की ट्रेनिंग में सिखाया जाता है कि उन्हें अपराधियों के साथ कैसा व्यवहार करना है। इस वजह से कई पुलिसकर्मी आम लोगों के साथ ऐसा व्यवहार करते हैं। मगर पहले से काफी सुधार हुआ है। पुलिसकर्मियों के आचरण पर काफी काम हो रहा है। ट्रैफिक पुलिसकर्मी पब्लिक से कैसे बातचीत करते हैं, अब इस पर निगरानी हो रही है। इसके लिए विशेष प्रकार के कैमरे दिए गए हैं। जब वे पब्ल्कि से बात करते हैं तो उन्हें उस कैमरे को ऑन करना होता है ताकि दोनों की बातचीत रिकार्ड हो जाए। इसके अतिरिक्त यदि कोई पुलिसकर्मी बेवजह परेशान या बदतमीजी करता है तो उसकी शिकायत सीनियर पुलिस अधिकारी से कर सकते हैं। सेक्टर नौ स्थित पुलिस हेडक्वार्टर में घर से शिकायत पोस्ट कर सकते हैं या मीडिया को बता सकते हैं।
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