डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम के 'करीबी' खट्टा का कबूलनामा पढ़िए। अब वह बाबा, डेरा और हनीप्रीत के वो राज उगलेगा, जो आज तक दफन हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति और डेरा समर्थक रंजीत सिंह की हत्या के मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के पूर्व ड्राइवर खट्टा सिंह को फिर से बयान दर्ज कराने की इजाजत दे दी है। न्यायमूर्ति एके सिकरी की अध्यक्षता वाली पीठ ने शुक्रवार को डेरा प्रमुख की पंजाब एवं हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है।
बता दें कि पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने खट्टा सिंह को दोहरे हत्या में फिर से बयान दर्ज कराने की इजाजत दी थी और पंचकूला कोर्ट ने 5 मई शनिवार को बयान देने के लिए बुला लिया। लेकिन राम रहीम को यह गंवारा नहीं है। इसके खिलाफ राम रहीम की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की गई है। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 7 मई को सुनवाई होगी।
डेरा प्रमुख की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने पीठ के समक्ष कहा कि खट्टा सिंह ने वर्ष 2012 में सीबीआई के समक्ष बयान दिया था कि उसे राम रहीम के खिलाफ बयान देने का दबाव डाला जा रहा है। खट्टा सिंह कह चुका है कि उसे इन मामलों में डेरा प्रमुख की भूमिका के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में उसे दोबारा बयान दर्ज कराने की अनुमति न दी जाए। लेकिन पीठ ने हाईकोर्ट के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने दोहरे हत्याकांड में खट्टा सिंह की गवाही को लेकर आदेश दिया था कि दोनों ही मामलों में राम रहीम के पूर्व ड्राइवर खट्टा सिंह की फिर से गवाही होगी। खट्टा सिंह ने याचिका दाखिल करते हुए कहा कि वह रणजीत सिंह और पत्रकार छत्रपति की हत्या के समय डेरे मे मौजूद था। उस दौरान ही इन घटनाओं को अंजाम दिया गया था और उस दौरान उसने अपने बयान भी दर्ज करवाए थे।