देखिए, ये चीनी लगते जरूर हैं, लेकिन हैं नहीं
मंच पर चीनी जैसे कलाकारों को नाचते देख दर्शक बाग बाग हो गए, लेकिन ये चीनी लगते जरूर हैं, लेकिन हैं नहीं। ये कलाकार थे नार्थ ईस्ट के। देश के 8 राज्यों ने सिरसा में होली समारोह में प्रस्तुति दी।
देखिए, ये चीनी लगते जरूर हैं, लेकिन हैं नहीं
मौका था राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में ऑक्टिव-2015 का। नॉर्थ जोन कल्चरल सेंटर पटियाला के बैनर तले आयोजित लोक उत्सव लोगों के दिलों दिमाग पर अमिट छाप छोड़ गया। देश के 8 राज्यों की संस्कृति प्रस्तुति में देश की विविध और बहुरंगी संस्कृति के दर्शन हुए।
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ऑक्टिव-2015 की शुरुआत देश की अनेकता में एकता की झलक के साथ हुआ। लोक नृत्यों में पहली प्रस्तुति सिक्किम के घोटू नृत्य से हुई। इसके बाद फसल पकने पर अरुणाचल प्रदेश में होने वाले ब्रो नृत्य ने दर्शकों को दांतों तले अंगुली दबाने पर मजबूर कर दिया है।
देखिए, ये चीनी लगते जरूर हैं, लेकिन हैं नहीं
मणिपुर के लोरी लोप लोक नृत्य ने लोक उत्सव में जान भरने का काम किया है। आसाम के लीवा जनजाति के कलाकारों ने मछली पकड़ने के ढंग को नृत्य के जरिये पेश किया है। आदिवासी इलाके मेघालय की गोरो जनजाति का वांगला तथा नागालैंड के वार नाच ने भारतीय संस्कृति के पहलुओं को उजागर कर दिया है।
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मिजोरम के चराओ नृत्य ने लोक उत्सव में नए रंग भरने का काम किया है। मणिपुर के कलाकारों ने ढोल चालम नृत्य के जरिये म्यूजिक पर मार्शल ऑर्ट तथा शरीर के संतुलित बैलेंस को पेश करके खूब वाहवाही लूटी है। ढोल तथा नगाड़ों की थाप पर एक्शन मूड में आये मणिपुरी कलाकारों ने लोक उत्सव को नई ऊर्जा दी है।