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कौन है श्रेयसी, जो राम रहीम को उम्रकैद की सजा मिलने के बाद बेहद खुश है और कहती है...

Sat, 19 Jan 2019 09:08 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 19 Jan 2019 09:08 AM IST
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Shreyasi Chhatrapati, life imprisonment to Gurmeet Ram Rahim in chhatrapati murder case
श्रेयसी
पत्रकार छत्रपति हत्याकांड में राम रहीम को उम्रकैद की सजा होने के बाद एक लड़की बेहद खुश है, नाम है श्रेयसी। जानना चाहेंगे आखिर कौन है ये...
Shreyasi Chhatrapati, life imprisonment to Gurmeet Ram Rahim in chhatrapati murder case
श्रेयसी
पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में 16 साल बाद सीबीआई की विशेष अदालत ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए गुरमीत राम रहीम समेत चारों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। चारों दोषियों पर पचास-पचास हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माने की अदायगी नहीं करने पर दोषियों को दो-दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। दोषी निर्मल सिंह और कृष्ण लाल को आर्म्स एक्ट की धाराओं में भी तीन-तीन साल कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
Shreyasi Chhatrapati, life imprisonment to Gurmeet Ram Rahim in chhatrapati murder case
श्रेयसी
और इस सजा का एलान होने से श्रेयसी नाम की लड़की बेहद खुश है। सुनवाई के दौरान वह लगातार ट्रोल होती रही और उसका बयान भी सामने आया। श्रेयसी कोई और नहीं, पत्रकार छत्रपति की छोटी बेटी है। छत्रपति के चार बच्चे हैं, अंशुल, अदिरमन, क्रांति और श्रेयसी। राम रहीम को सजा होने के बाद चारों का बयान सामने आया। वहीं श्रेयसी ने भाई अंशुल को हीरो बताया और कहा कि जिस उम्र में लड़के कॉलेज जाते हैं, उस उम्र में भाई ने कोर्ट के चक्कर काटे।
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Shreyasi Chhatrapati, life imprisonment to Gurmeet Ram Rahim in chhatrapati murder case
श्रेयसी
बाबा को सजा होने पर श्रेयसी छत्रपति ने कहा कि हालांकि हमने मौत की सजा मांगी थी, लेकिन यह सजा मौत की सजा से कम नहीं है, क्योंकि राम रहीम अपने जीवन में जेल से बाहर नहीं आ सकेगा। वह अपनी आखिरी सांस तक सलाखों के पीछे रहेगा। गुरमीत हर दिन अपने गुनाह को याद करेगा और जेल में बैठकर रोएगा। अब उसका एक भी दिन सुकून से नहीं बीतेगा और ये बात हमें हर पल सुकून देगी।
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Shreyasi Chhatrapati, life imprisonment to Gurmeet Ram Rahim in chhatrapati murder case
श्रेयसी
श्रेयसी का कहना है कि अब जाकर मेरे पिता को इंसाफ मिला है। उनकी आत्मा को सुकून मिला। भाई अंशुल ने अपना सारा जीवन पिता को इंसाफ दिलवाने के लिए समर्पित कर दिया। अंशुल एक हीरो है। हमारी लड़ाई एक ताकतवर साम्राज्य और एक ऐसे आदमी के खिलाफ थी, जिसने दहशत फैलाई हुई थी। गुरमीत राम रहीम अब बेनकाब हो चुका है। मेरे पिता ने मिशन के लिए अपनी जिंदगी दांव पर लगाई थी और अब उसकी जिंदगी दांव पर लग गई है।
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