इन्हें शूटर दादी कहें या रिवॉल्वर रानी। 81 साल की उम्र तक आते-आते 25 से ज्यादा नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में मेडल जीत डाले। जानिए, इनका बैकग्राउंड।
चंद्रो यूपी के बागपत जिले के जोहड़ी गांव की रहने वाली हैं और उनकी उम्र 81 साल 11 महीने है। 65 साल की उम्र में इन्होंने पहली बार बंदूक उठाई थी। एक दिन वे अपनी पोती शेफाली को लेकर भारतीय निशानेबाज डॉक्टर राजपाल सिंह की शूटिंग रेंज पर गई, शैफाली के अलावा और कोई लड़की नहीं आती थी।
दो दिन देखा, तीसरे दिन शैफाली गन लोड नहीं कर पाई। मैंने गन लोड करके निशाना लगाया तो सटीक लगा। निशाना दस अंकों पर लगा देख राजपाल आश्चर्यचकित रह गए. उन्होंने कहा-दादी तू भी शूटिंग शुरू कर दे. इसके बाद निशानेबाजी का सिलसिला चल पड़ा। उनके नाम 25 राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप का खिताब है।
डॉ. राजपाल व बच्चों ने खेलने के लिए प्रेरित किया। मैंने मना किया तो बच्चों ने कहा, गांव में किसी से नहीं कहेंगे। फिर प्रेक्टिस शुरू की। रात को परिवार में सब सो जाते थे तब मैं भूसा वाले कमरे में जताकर पानी से भरा जग घंटों हाथ में लेकर खड़ी रहती थी। जिससे गन से निशाना लगाते समय हाथ सधा रहे।
अखबार में फोटो देखकर छुपा दिया : जब वह राजपाल की एकेडमी में शूटिंग की कोचिंग ले रही थी, तो किसी पत्रकार ने समाचार पत्र में फोटो प्रकाशित कर दिया। अगले दिन मैंने फोटो देखा, तो परेशान हो गई। मैं पढ़ना, तो नहीं जानती थी, लेकिन अपना फोटो देखकर सारा मामला जान गई।