बड़ा खुलासाः जानिए, क्यों फेल हो गई थी 1857 की क्रांति?
1857 की क्रांति सफल नहीं हो पाई थी। इसके फेल होने के पीछे का सच अब सामने आया है, जिसे जानकर आप भी चौंक जाएंगे। तस्वीरों में पूरा मामला। रिपोर्टः मोहित धुपड़, अंबाला सिटी
बड़ा खुलासाः जानिए, क्यों फेल हो गई थी 1857 की क्रांति?
आजादी का जज्बा अंग्रेजी फौजों में शामिल हिंदुस्तानी सिपाहियों में जाग चुका था। अंबाला में उत्तर भारत की बड़ी अंग्रेज छावनी में भी हिंदुस्तानी फौजें अंग्रेजी हुकूमतों के खिलाफ तनकर खड़ी हो चुकी थीं। इसी का नतीजा यह रहा कि 26 मार्च 1857 से लेकर 10 मई 1857 तक अंबाला में 13 जगह हिंदुस्तानी सिपाहियों द्वारा आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया जा चुका था। अंग्रेजों की एक पुलिस चौकी तक फूंक दी थी।
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दूसरी ओर, अंबाला में हिंदुस्तानी सिपाहियों के इस विद्रोह की सूचना दूसरी अंग्रेज छावनियों तक भी पहुंच चुकी थी। इसलिए ये फैसला किया गया कि 10 मई 1857 को फिर से एक साथ देशभर की विभिन्न अंग्रेज छावनियों पर हिंदुस्तानी सिपाही हल्ला बोलेंगे।
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अंबाला छावनी में भी इसी योजना के तहत 09 मई 1857 को अंग्रेजों की काली पलटन के हिंदुस्तानी सिपाहियों ने एक गुप्त बैठक की, जिसमें 10 मई 1857 को अंग्रेजों के खिलाफ एक बड़ी जंग छेड़ने की योजना तैयार की गई। क्रांतिकारी सिपाहियों की इस गुप्त मीटिंग में तत्कालीन अंबाला के डीसी एवं सुपरीटेंडेंट अंग्रेज अफसर फोर्थस्यिथ का गनमैन श्याम सिंह भी शामिल था।
बड़ा खुलासाः जानिए, क्यों फेल हो गई थी 1857 की क्रांति?
बस, श्याम सिंह की ही गद्दारी ने हिंदुस्तानी सिपाहियों की इस बडे़ स्तर पर छेड़ी क्रांति को फेल कर दिया। 9 मई की रात को हिंदुस्तानी सिपाहियों की गुप्त मीटिंग अटैंड करके श्याम सिंह ने सिपाहियों की अंग्रेजों पर अटैक करने की पूरी योजना अपने अफसर फोर्थस्यिथ को बता दी। बस, उसके बाद तो अंग्रेजों ने ऐसी चाल चली कि सिपाहियों ने क्रांति तो की, मगर वे खुद इस क्रांति का शिकार हो गए।