तस्वीरें: बाबा रे 'बाबा', सतलोक बनाया है या 'स्वर्ग'
सतलोक आश्रम के हर हिस्से में जबरदस्त इंजीनियरिंग, सुरक्षा के अचूक प्रबंध, हर आधुनिक सुख सुविधा मौजूद। देखिए तस्वीरें।
तस्वीरें: बाबा रे 'बाबा', सतलोक बनाया है या 'स्वर्ग'
अब हम आपको आश्रम के अंदर के हालात दिखाते हैं... 16 एकड़ जमीन पर किसी किले की तर्ज पर बना यह आश्रम हर किसी को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करता है।
शाही द्वार जिसमें ट्रक, बस जैसी बड़ी गाड़ियां बिना किसी रुकावट के अंदर प्रवेश कर जाएं।
तस्वीरें: बाबा रे 'बाबा', सतलोक बनाया है या 'स्वर्ग'
आश्रम में तीन स्तर की दीवारें हैं। जिसमें पहली करीब 10 मीटर ऊंची, दूसरी 15 मीटर और तीसरी दीवार सत्संग हाल के चारों ओर बनी, जिसकी ऊंचाई करीब 50 फीट है। आश्रम की खिड़कियों में भी लोहे की मोटी जालियां लगाई गई हैं। आश्रम की यह सुरक्षा हर किसी को यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि क्या यह किला किसी के आक्रमण से बचने के लिए बनाया गया है।
तस्वीरें: बाबा रे 'बाबा', सतलोक बनाया है या 'स्वर्ग'
दूसरे गेट को पार करने के बाद जब हम मेन हॉल में घुसते हैं तो आंखें खुली रह जाती हैं। यह हॉल करीब दस एकड़ में बना है और यहां 50 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था है। इस हाल के एक हिस्से में महिलाओं के बैठने का प्रबंध था। दूसरी ओर पुरुषों के बैठने की व्यवस्था है। बीच से रास्ता सीधा संत रामपाल की कुर्सी तक पहुंचता है।
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सामने करीब दस मीटर की ऊंचाई पर शीशे का भव्य केबिन है। जिसके दोनों ओर विशालकाय प्रोजेक्टर लगे हैं। प्रवचन के समय इन प्रोजेक्टर पर सीधा प्रसारण दिखता है। संत की कुर्सी से करीब 30 मीटर की दूरी पर डी बनाई गई है। इस डी के पहले हिस्से में संत रामपाल, संत गरीबदास, संत कबीरदास के बड़े बड़े पोस्टर लगे हैं। यहां महिलाओं व पुरुषों के लिए रामपाल को नमन करने के लिए दो हिस्से बनाए हैं।