इस 'धाकड़ गर्ल' ने सिर्फ 10 सेकेंड में ही बाजी पलट कर इतिहास रच दिया था, जिसके लिए दुनिया भर ने उसको सराहा। अब उसे अपनों से एक लड़ाई लड़नी पड़ रही है।
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ओलंपियन पहलवान साक्षी मलिक
बात हो रही है, रियो ओलंपिक में देश को पहलवानी में पहला मेडल दिलाने वाली साक्षी मलिक की। इन्हें पद्मश्री अवार्ड से नवाजा जा चुका है। अवार्ड मिलने से साक्षी मलिक बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि इस अवॉर्ड के बारे में कभी नहीं सोचा था। वह अर्जुन अवार्ड और खेल रत्न के बारे में ही सोचती थीं। अब देश का इतना बड़ा सम्मान उन्हें मिलने जा रहा है तो बेहद खुशी हुई है, लेकिन हैरानी नहीं है।
साक्षी मलिक कहती हैं कि उन्होंने जो मेहनत की है, उसका फल अब मिला है और अभी तो ओर मेहनत करनी है। अभी तो मुझे पदम भूषण और पदम विभूषण भी लेना है। साथ ही अब लक्ष्य अगले साल एशियन व कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल हासिल करना है। टोकयो ओलंपिक में देश को पदक दिलाना है। पद्मश्री मिलने के बाद से साक्षी मलिक और उनका परिवार काफी खुश है।
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ओलंपिक मेडल विजेता पहलवान साक्षी मलिक
साक्षी मलिक कहती हैं कि एक लड़की क्या कुछ नहीं कर सकती। जब मैं कर सकती हूं, तो कोई भी लड़की कर सकती है। मुझे लगता है कि हरियाणा में अब मां-बाप अपनी बेटियों की अहमियत, उसकी काबिलियत पर ऐतबार करेंगे, उसे तवज्जो देंगे। बेटियों को आगे बढ़ाएंगे। पढ़ाई में, खेल में, समाज के हर क्षेत्र में बेटियों को बढ़ावा मिले, इसके लिए मैं हर फोरम से आवाज उठाने को तैयार हूं।
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ओलंपिक मेडल विजेता पहलवान साक्षी मलिक
वहीं अब साक्षी मलिक काफी निराश हैं। उन्होंने हरियाणा सरकार पर वादा पूरा न करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उन्हें अभी तक प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है। उन्होंने ट्वीट करते हुए हरियाणा सरकार से पूछा कि पदक का वादा मैंने पूरा किया, सरकार अपना वादा कब पूरा करेगी।' मेरे ओलंपिक पदक जीतने के बाद हरियाणा सरकार की ओर से घोषणाएं क्या मीडिया के लिए ही थीं?’