जम्मू कश्मीर के राजौरी सेक्टर में शहीद हुए मोगा के गांव जनेर निवासी जवान कर्मजीत सिंह का पार्थिव शरीर सोमवार की रात को मोगा पहुंचा। मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे शहीद के पार्थिव शरीर को उनके गांव जनेर लाया गया।
शहीद की आखिरी विदाई में लगे पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे, पिता-भाई बोले-गोलीबारी समाधान नहीं
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फरीदकोट से सांसद प्रो. साधु सिंह, मोगा विधायक डॉ. हरजोत कमल सिंह, धर्मकोट विधायक सुखजीत सिंह काका लोहगढ़, डीसी मोगा संदीप हंस और एसएसपी मोगा अमरजीत सिंह बाजवा ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसके बाद 18 जेएके रेजिमेंट के जवानों ने शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। पिता अवतार सिंह और भाई स्वर्ण सिंह ने शहीद कर्मजीत सिंह को मुखाग्नि दी। शहीद के पारिवारिक सदस्यों सहित गांव जनेर के लोगों को उम्मीद थी कि राज्य सरकार की ओर से कोई मंत्री परिवार के साथ दुख व्यक्त करने व शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए आएगा।
विधायक को छोड़कर सत्ता पक्ष समेत कोई भी बड़ा नेता शहीद के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने नही पहुंचा और न ही राज्य सरकार की पॉलिसी के अलावा शहीद के परिवार की कोई अन्य सहायता का एलान किया गया।
‘गोलीबारी समाधान नहीं, बातचीत करे सरकार’
शहीद कर्मजीत सिंह के पिता रिटायर्ड फौजी अवतार सिंह, भाई स्वर्ण सिंह और फूफा रिटायर्ड फौजी रुपिंदर सिंह ने मीडिया के जरिए सरकार से गुहार लगाई कि गोलीबारी से नहीं दोनों देशों की सरकारें आपस में बातचीत कर इसका समाधान निकालें। तभी जाकर जवानों के शहीद होने का सिलसिला थम सकेगा। शहीद के अंतिम संस्कार में पहुंचे धर्मकोट से कांग्रेस विधायक सुखजीत सिंह काका लोहगढ़ ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि दोनों देशों की सरकारें आपस में बातचीत कर इस नफरत को खत्म करें, नहीं तो भविष्य में भी इसी प्रकार परिवारों के जवान बेटे शहीद होते रहेंगे।