फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

महिला दिवस: रोचक है कोमल शर्मा की कहानी, एक कमरे से शुरू की थी कंपनी, आज कई देशों में हैं ऑफिस

Sun, 08 Mar 2020 01:49 AM IST
ajay kumar आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 08 Mar 2020 01:49 AM IST
विज्ञापन
Read the Motivational story of Komal Sharma Talwar on International Women's Day
कोमल शर्मा तलवार - फोटो : अमर उजाला

कोमल शर्मा तलवार उस शख्सियत का नाम है, जिन्होंने एक कमरे से अपनी कंपनी की शुरुआत की थी। मेहनत और लगन के बल पर आज वे विश्व की दो नामचीन कंपनियों की मालकिन हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने कानून के क्षेत्र में कुछ नया करने की ठानी। फैमिली काउंसलिंग, कानून की सलाह संबंधित वेबसाइट का निर्माण किया लेकिन उन्हें संतुष्टि नहीं मिली। फिर उन्होंने पेटेंट (आविष्कार व बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में) के लिए काम करना शुरू किया।

Read the Motivational story of Komal Sharma Talwar on International Women's Day
- फोटो : अमर उजाला

साल 2006 में एक हजार डॉलर से अपने घर के एक कमरे में टीटी कंसलटेंट्स नाम से कंपनी की नींव रखी। शुरुआत में सिर्फ एक युवती के साथ कामकाज शुरू किया। उनकी कंपनी का काम पेटेंट के लिए आए आविष्कार व उत्पाद के लिए डाटा, हिस्ट्री और अन्य जानकारियां उपलब्ध कराना था। इस फील्ड में भारत की यह पहली कंपनी थी। धीरे-धीरे इस कंपनी ने विश्व में कीर्तिमान बनाया और आज स्थिति यह है कि इस कंपनी के देश और विदेश के कई शहरों में आलीशान ऑफिस हैं। 

Read the Motivational story of Komal Sharma Talwar on International Women's Day
- फोटो : अमर उजाला

250 से ज्यादा टॉप आईटी विशेषज्ञ इस कंपनी में काम करते हैं। विश्व की बड़ी कंपनियां कोमल की कंपनी की क्लाइंट हैं। कोमल के कदम यहीं नहीं रुके। तीन साल पहले एक्सएलपेट नाम से एक और कंपनी का निर्माण किया। यह कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित है। यह कंपनी टेक्नोलॉजी से जुड़े डाटा को उपलब्ध कराती है। करीब 100 देशों की कंपनियां एक्सएलपेट के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रही हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Read the Motivational story of Komal Sharma Talwar on International Women's Day

अब कोमल छह महीने भारत में रहती हैं, बाकी महीने देश से बाहर। उनके दो छोटे बेटे हैं। व्यस्त होने के बावजूद उनके बेटे इस बात को समझते हैं कि उनकी मां क्या काम करती हैं और उनकी विश्व में क्या अहमियत है। वे पहली भारतीय महिला हैं, जिन्हें जापान की फोर्ब्स पत्रिका ने कवर किया है। वे बताती हैं कि इस सफर में उन्हें कई बार निराशा, मायूसी और फेल होना पड़ा लेकिन वे अपने लक्ष्य से कभी पीछे नहीं हटीं। कोमल कहती हैं कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में काम करने और इनोवेशन की ज्यादा संभावनाएं रहती हैं।

विज्ञापन
Read the Motivational story of Komal Sharma Talwar on International Women's Day
- फोटो : अमर उजाला

महिला होने के नाते वे महिलाओं का दर्द समझती हैं। इसलिए उन्होंने अपनी कंपनी में 30 फीसदी महिलाएं रखी हैं। उन्होंने अपनी महिला कर्मचारी को छूट दे रखी है कि वे किसी वक्त ऑफिस में आकर काम कर सकती हैं। बस उन्हें जो काम दिया गया है, उसे पूरा करना होता है। उनके दफ्तर का ऐसा माहौल है कि शादी व प्रेग्नेंसी के बाद भी उनकी महिला कर्मचारी नौकरियां नहीं छोड़ती हैं। वे कहती हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में महिलाओं के लिए ब्राइट फ्यूचर है। बस उन्हें आगे आना होगा।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed