आखिरकार रावण के अहंकार की लंका का खात्मा हो गया। रावण भी धूं-धूं कर जल कर राख हो गया। देखिए तस्वीरें
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चंडीगढ़ में शनिवार को 30 से भी अधिक जगहों पर दशहरे का त्योहार मनाया गया। इसमें रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार और बच्चों के साथ दशहरा का मेला देखने के लिए पहुंचे।
पुतलों के दहन से पूर्व के दृश्यों में राम और रावण की सेना में घमासान युद्ध हुआ। श्रीराम ने रावण का वध किया। इसके बाद रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले का दहन हुआ। शहर के दशहरा ग्राउंड में रथ पर सवार राम और रावण की सेना का प्रवेश भी देखने योग्य रही।
श्री रामलीला कमेटी परेड ग्राउंड सेक्टर - 17 की ओर से विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। बुराई के प्रतीक रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए गए। इस दौरान लोगों ने अच्छाई की बुराई पर जीत का संकल्प लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चंडीगढ़ के प्रशासक एवं पंजाब के राज्यपाल वीपी बदनौर ने लोगों को विजयादशमी पर्व की बधाई दी। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में जिस तरह से पीढ़ी दर पीढ़ी रामलीला का मंचन और विजयादशमी का पर्व मनाया जा रहा है। यह बहुत सराहनीय है।
शनिवार को विजयादशमी के पर्व पर पांच हजार से अधिक लोग रावण दहन देखने आए। रावण दहन के साथ ही परेड ग्राउंड जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। श्री रामलीला कमेटी परेड ग्राउंड रावण दहन से पहले सेक्टर - 23 सनातन धर्म मंदिर की ओर से झांकी निकाली गई। इस दौरान राम, लक्ष्मण और अन्य झांकियों का लोगों ने स्वागत किया। सेक्टर - 17 परेड ग्राउंड में भ्रष्टाचार का पुतला जलाकर लोगाें को भ्रष्टाचार केे होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया गया।