{"_id":"591a883f4f1c1b0a788b4591","slug":"ransomware-vanakrai-virus-attack-on-computers-the-ways-to-save-personal-data","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"रैनसमवेयर वायरस ने देश में मचाई खलबली, ये तरीके अपनाएं पर्सनल डाटा बचाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रैनसमवेयर वायरस ने देश में मचाई खलबली, ये तरीके अपनाएं पर्सनल डाटा बचाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 17 May 2017 10:08 AM IST
विज्ञापन
साइबर अटैक
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रैनसमवेयर वायरस ने देश में खलबली मचा रखी है। कंप्यूटर्स साइबर अटैक की चपेट में हैं, ऐसे में लोग इन तरीकों को अपनाकर पर्सनल डाटा बचा सकते हैं।
साइबर अटैक
- फोटो : demo pics
रैनसमवेयर वायरस का खौफ चंडीगढ़ में भी दिखा। आईटी कंपनियों, बैंकों के साथ ही बड़े संस्थानों में इस वायरस की चर्चा रही। सोशल मीडिया में आए तरह तरह के मैसेज ने इस डर को और बढ़ाया। लोग बैंकों में फोन लगाकर पूछते रहे कि क्या मंगलवार को बैंक और एटीएम बंद रहेंगे। हालांकि बैंक अफसरों ने साफ किया कि वायरस से काम काज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। रोजाना की तरह बैंकों और एटीएम में काम होगा।
साइबर अटैक
जिप फाइल न खोलें
चंडीगढ़ में बैंकों और बड़े संस्थानों में पहले ही इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दे दिए गए थे कि कोई भी मेल पर जिप फाइल फोल्डर को न खोले। आईटी एक्सपर्ट मनीष जोहर के अनुसार यह वायरस एक मेल के माध्यम से भेजा जाता है। यह जिप फोल्डर में होता है।
चंडीगढ़ में बैंकों और बड़े संस्थानों में पहले ही इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दे दिए गए थे कि कोई भी मेल पर जिप फाइल फोल्डर को न खोले। आईटी एक्सपर्ट मनीष जोहर के अनुसार यह वायरस एक मेल के माध्यम से भेजा जाता है। यह जिप फोल्डर में होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
साइबर अटैक
जैसे ही सिस्टम में फाइल को क्लिक किया जाता है तो यह कंप्यूटर का सारा मैटेरियल डिक्रिप्ट कर देता है। इससे जो भी कंप्यूटर पर लिखा होता है उसको कोई पढ़ नहीं सकता है और वह खत्म हो जाता है। इससे फाइलों का पता तक नहीं चलता है। मनीष जोहर के अनुसार इससे फाइलों का एक्सटेंशन चेंज हो जाता है।
विज्ञापन
साइबर अटैक
आईटी एक्सपर्ट ध्रुव पांडे ने कहा कि उनके यूके का एक क्लाइंट हेल्थ केयर सेंटर चलाता है। उसके सिस्टम में यह वायरस आ गया और उसके पांच कंप्यूटर तबाह हो गए। यह वायरस तभी आता है, जबकि कोई कंप्यूटर में मेल को ध्यान से नहीं देखता। उन्होंने बताया कि जो भी मेल आएं तो चाहे किसी की हो, जिप फाइल को क्लिक नहीं करना है। उन्होंने कहा कि इस वायरस का खतरा पुराने सिस्टम में ज्यादा है।