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61 दिन बाद सिरसा डेरे लौटा राम रहीम का परिवार, श्रद्धालुओं की एंट्री बैन
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Wed, 01 Nov 2017 09:00 AM IST
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Ram rahim
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साध्वी रेप केस में राम रहीम को सजा होने के 61 दिन बाद बाबा का परिवार डेरा सच्चा सौदा लौट आया। अब एक नया सच सामने आया है, जो वापसी की वजह है।
Ram rahim
राम रहीम का पूरा परिवार डेरे में लौट आया है। पिछले दो दिन से सभी सिरसा में है, जो डेरे की देखभाल कर रही विपासना के संपर्क में है। डेरा प्रमुख के पुत्र जसमीत सिंह इंसां ने डेरा प्रबंधन का कामकाज संभालना शुरू कर दिया है। और चेयरमैन विपसना के साथ मिलकर व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है। राम रहीम को सजा होने के बाद परिवार 26 अगस्त को ही राजस्थान के गांव गुरुसर मोडिया चला गया था। गुरुसर मोडिया डेरा प्रमुख का पैतृक गांव है।
Ram rahim
हनीप्रीत की गिरफ्तारी के बाद डेरा प्रमुख के परिवार पर दबाव कम हुआ और हालात सामान्य होने पर 27 अक्तूबर की शाम को शाही परिवार डेरा में लौट आया। अभी तक नए डेरा में श्रद्धालुओं का प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। डेरा के चारों ओर सुरक्षा की कमान पुलिसकर्मी संभाले हुए हैं। चोपटा रोड पर गेट नंबर सात ही खुला होता है जहां पर सेवादार तैनात हैं। पासधारी सेवादारों और पहरेदारों के लिए ही गेट खुलता है या डेरा के समाचार पत्र के कर्मचारी इस गेट से आते जाते हैं।
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जेल में राम रहीम से मिलने आई मां, बेटा-बेटी और दामाद
वहीं पता चला है कि राम रहीम की मां चाहती है कि डेरा सच्चा सौदा का नया प्रमुख राम रहीम के बेटे जसमीत सिंह को बनाया जाए, लेकिन इस रास्ते में बस एक ही अड़चन है, वह है यहां सुनारिया जेल में बंद राम रहीम। वह अभी तक डेरा प्रमुख है और उसे ही अपने उत्तराधिकारी की घोषणा करनी है। इसी के चलते सोमवार को राम रहीम से मिलने जब जसमीत सिंह सुनारिया जेल पहुंचा तो उसे करीब 32 मिनट तक पिता का इंतजार करना पड़ा।
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जेल में राम रहीम से मिलने आई मां, बेटा-बेटी और दामाद
राम रहीम की मां नसीब कौर ने जसमीत की ताजपोशी के लिए राम रहीम को मनाने की कमान खुद संभाली है। वह पुत्र से मिलने कई बार जेल आ चुकी हैं। सोमवार को जसमीत सिंह पिता से मिलने मां हरजोत कौर के साथ अचानक सुनारिया जेल पहुंचा। सूत्रों का कहना है कि बेटे के मिल कर वापस जाने के बाद राम रहीम काफी देर तक गुमसुम रहा। वहीं पता चला है कि यह मुलाकात पूर्व नियोजित नहीं, अचानक थी।