केजरीवाल के बारे में कुछ ऐसा बोले मोदी के मंत्री, सुन सब सन्न
मोदी सरकार में मंत्री राजीव प्रताप रुडी ने 'आप' के अरविंद केजरीवाल के बारे में ऐसी बात कही कि सुनने वाला हर कोई सन्न रह गया। तस्वीरों में पूरा मामला।
केजरीवाल के बारे में कुछ ऐसा बोले मोदी के मंत्री, सुन सब सन्न
केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि वह काम करने नहीं, बल्कि झगड़ने की मंशा लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी दिल्ली में दूसरे दलों की सरकारें बनीं, लेकिन कभी भी सीएम के साथ इस तरह का संकट नहीं आया। रूडी ने शनिवार को सेक्टर-33 स्थित भाजपा कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि केजरीवाल सिर्फ विवाद में रहकर ही अखबार की सुर्खियां बटोरना चाहते हैं। सांसद किरण खेर के शहर में रेगुलर न आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह इस बारे में उनसे बात करेंगे।
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भूमि अधिग्रहण बिल पर उन्होंने कहा कि बिल में जो भी खामियां और आपत्तियां हैं उन्हें दूर किया जाएगा। राज्यसभा की स्टैंडिंग कमेटी जो अपनी रिपोर्ट देगी। उसके अनुसार खामियां दूर कर ली जाएंगी। उन्होंने कहा कि जो खामियां सामने आ रही हैं, वह कांग्रेस के कार्यकाल की ही हैं। रुडी ने पीएम मोदी के दौरे पर कटाक्ष करने वालों पर भी निशाना साधा। चंडीगढ़ भाजपा की ओर से सरकार के एक साल पूरे होने के कार्यकाल की उपलब्धियों का एक विशेषांक तैयार किया गया था, जिसका रूडी ने विमोचन किया।
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केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी प्रेस वार्ता के बाद शहर के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित गवर्नमेंट कॉलेज फॉर मेन (जीसीएम)-11 में पहुंचे। उन्होंने पहले कॉलेज में पुराने दोस्तों और टीचर्स से पुरानी यादें साझा की और फिर हॉस्टल मेस में राजमा-चावल का लुत्फ भी उठाया। रूडी शनिवार को जीसी-11 में कॉलेज फाउंडर डे और स्किल डेवलपमेंट पर आधारित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे।
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30 साल पहले इसी कॉलेज से छात्र राजनीति की शुरुआत करने वाले रूडी ने कॉलेज से जुड़ी यादों का ताजा किया। उन्होंने बताया कि इस शहर में उन्हें कोई नहीं जानता था, लेकिन इसी शहर और कॉलेज की बदौलत वह केंद्रीय मंत्री की कुर्सी तक पहुंचे हैं। अतीत के पन्नों को पलटते हुए राजीव ने बताया कि दोस्तों के कहने पर उन्होंने छात्र राजनीति में कदम रखा। पहली बार हॉस्टल मेस में भाषण देते हुए उनकी टांगें और हाथ कांप रहे थे, लेकिन उसके बाद उन्होंने कभी मुड़कर नहीं देखा।