एक छोटे से गांव से निकले और दुनिया के नंबर वन पहलवान बन गए। इसी बहादुरी और हौसले के लिए अब उन्हें खेल रत्न अवार्ड दिया गया। जानिए बजरंग पूनिया के बारे में अनकही बातें-
विश्व के नंबर एक पहलवान बजरंग पूनिया, हरियाणा के झज्जर जिले के गांव खुदान के रहने वाले हैं। इन्हें भारत सरकार की ओर से खेल रत्न अवार्ड दिया गया है। हाल ही में वह दुनिया के नंबर वन पहलवान घोषित किए गए। बजरंग पूनिया ने ताजा विश्व रैंकिंग में 65 किग्रा फ्रीस्टाइल कैटेगरी में नंबर वन रैंक हासिल की। कुश्ती की शीर्ष संस्था यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) ने अपनी ताजा रैंकिंग जारी की, जिसमें बजरंग पूनिया 96 नंबर के साथ पहले नंबर पर हैं।
बजरंग पूनिया भारत के एकमात्र पहलवान हैं, जो अपने वर्ग की वर्ल्ड रैंकिंग में टॉप-10 में शामिल हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियर गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले बजरंग ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। बजरंग को विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में जापान के 19 वर्षीय ताकुटो ओटोगुरो के हाथों 9-16 की शिकस्त झेलनी पड़ी। इस हार के साथ पहली बार विश्व कुश्ती चैंपियनशिप खिताब जीतने का उनका सपना अधूरा रह गया।
साथ ही एक सत्र में तीन बड़े खिताब जीतने का सपना भी टूट गया, लेकिन उन्होंने अपने नाम एक खास उपलब्धि दर्ज करा ली है। वह विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में दो मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पहलवान बन गए। इससे पहले उन्होंने 2013 में फ्रीस्टाइल कुश्ती के 60 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीता था। विश्व चैंपियनशिप में भारत के लिए स्वर्ण पदक अब तक सुशील कुमार ने ही जीता है, उन्होंने 2010 में मास्को में 66 किलो वर्ग में यह कमाल किया था।
बजरंग पूनिया ने साल 2019 में जॉर्जिया में त्बिलिसी अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीतकर नया इतिहास रचा। इस पदक के साथ पांच गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीतने वाले बजरंग इकलौते पहलवान बन गए। ऑस्ट्रेलिया में अप्रैल 2018 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स से शुरू हुआ मेडल जीतने का सफर लगातार जारी है। बजरंग पूनिया ने अप्रैल 18 से अभी तक छह टूर्नामेंट खेले और इन सभी में मेडल जीते हैं।