शादी करने को लेकर एक याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। प्यार करने वाले ध्यान से पढ़ लें, फायदे में रहेंगे।
दो बच्चों का पिता पहली पत्नी की मंजूरी के बिना दूसरी शादी कर सुरक्षा के लिए गुहार लगाए तो वह अदालत से राहत की उम्मीद कैसे कर सकता है। यह न्याय के खिलाफ है और इस तरह के प्रेमी जोड़े को कोई राहत नहीं दी जा सकती है।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस एबी चौधरी ने यह आदेश मेवात निवासी मोहम्मद राशिद की याचिका को खारिज करते हुए जारी किए। याचिका खारिज करते हुए बेंच ने कहा कि युवक की पहली पत्नी जिंदा है और बिना उसकी मंजूरी के यह शादी की गई।
बेंच ने कहा कि यदि इस जोड़े को सुरक्षा दी जाती है तो यह न्याय के संतुलन को बिगाड़ने वाली बात होगी। इसी बीच दो बच्चों के पिता के साथ जाने वाली युवती के भाई की ओर से एडवोकेट एमडी खान ने सुरक्षा दिए जाने का विरोध किया।
खान ने कहा कि जो व्यक्ति पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं, अपनी पहली पत्नी की मंजूरी के बगैर दूसरी शादी कर रहा है, उसे सुरक्षा दी जाती है तो गलत उदाहरण पेश होगा। शरीयत भी इसकी अनुमति नहीं देती कि पहली पत्नी के रहते और उसकी अनुमति के बिना शौहर दूसरी शादी कर सके।