स्कूल में जींस टॉप पहनकर आने वाले टीचर्स से शिक्षा विभाग ने बदला लिया है, वो भी एसीआर से जुड़े नियमों में कड़े बदलाव करके।
दरअसल, पंजाब के शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के अध्यापकों की वार्षिक गुप्त रिपोर्ट (एसीआर) के लिए इस साल से नए परफार्मे को लागू कर दिया है। इस परफार्मे में अध्यापक के क्लास रूप में उठने बैठने, पढ़ाने के तरीके, ब्लैक बोर्ड के उपयोग करने या न करने समेत उनके पहनावे से संबंधित जानकारियां भी दर्ज की जाएगी।
इसके आधार पर ही अध्यापक की एसीआर का मूल्यांकन किया जाएगा। यदि कोई अध्यापक जींस-टॉप और अन्य भड़कीले वस्त्र पहनने से परहेज करता है तो उसे एसीआर में अतिरिक्त अंक मिलेंगे। जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग ने एसीआर का नया परफोर्मा सेशन 2016-17 से लागू किया है जिसमें पिछले सालों के मुकाबले व्यापक स्तर पर बदलाव किए गए हैं।
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मसलन पिछले समय के दौरान अध्यापक की एसीआर में उसकी अकादमिक कारगुजारी के महज आठ प्रतिशत अंक ही होते थे, जिसे बढ़ाकर अब 70 प्रतिशत कर दिया गया है। यानी किसी अध्यापक की अकादमिक कारगुजारी निराशाजनक रही है तो उसका एसीआर में फेल होना तय है। नए परफार्मे के तहत अध्यापक के विषय के बोर्ड नतीजा की पंजाब स्तर के नतीजे के साथ तुलना के आधार पर उसे एसीआर के अंक मिलेंगे।
साथ ही उसके क्लास रूप में बच्चों को पढ़ाने के तरीके, क्लास के समय उसके बैठने या खड़े होने के ढंग समेत उसके पहनावे के बारे में भी जानकारी भी एसीआर में दर्ज की जाएगी। विभागीय आदेश के मुताबिक राज्य भर में टीचिंग व नान टीचिंग स्टाफ की एसीआर लिखने का क्रम शुरू हो चुका है और इसके लिए जिला स्तर पर एक नोडल अधिकारी की तैनाती की गई है। इस कार्य को 31 अगस्त से पहले पूरा करने की हिदायतें जारी की गई हैं।