सरकारी नौकरी पर हैं तो ध्यान दें, अब जॉब करने के लिए दो शर्तें पूरी करनी होंगी। अगर ध्यान नहीं दिया या मानी नहीं तो पछताएंगे।
पंजाब सरकार के ग्रुप-ए और बी के अधिकारी अपने पूरे सेवाकाल के दौरान एक जिले में अधिकतम 15 साल ही सेवा कर सकेंगे। हालांकि यह शर्त जिला काडर के तहत कार्यरत और विभाग मुख्यालय में कार्यरत अफसरों पर लागू नहीं होगी। पंजाब के सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए नई तबादला नीति संबंधी आदेश परसोनल विभाग द्वारा सभी विभाग प्रमुखों को जारी कर दिए गए हैं।
नई नीति के तहत ग्रुप ए और बी का कोई भी अफसर एक स्थान पर लगातार पांच साल से अधिक तैनात नहीं रहेगा। इस मामले में, अगर कोई अफसर एक ही स्थान पर लगातार तीन साल तैनात रहता है तो उसकी दोबारा इसी स्थान पर ट्रांसफर कम से कम दो साल के बाद ही हो सकेगी। वैसे, इस नीति में यह भी किया गया है कि ग्रुप ए व बी के अफसरों का तबादला दो साल से पहले किन्हीं विशेष हालात को छोड़कर अन्य किसी कारण से नहीं किया जाएगा।
इसमें ग्रुप ए के अफसर के लिए परसोनल विभाग से और ग्रुप बी के अफसर के लिए संबंधित अथारिटी द्वारा फैसला लिया जाएगा। नई तबादला नीति में ग्रुप सी के कर्मचारियों के लिए तय किया गया है कि एक ही पोस्ट पर पूरे सेवाकाल के दौरान 10 साल से ज्यादा तैनाती नहीं होगी। इस ग्रुप के कर्मचारी एक ही पोस्ट पर लगातार पांच साल ही तैनात रह सकेंगे।
अगर कोई कर्मचारी किसी ऐसे पद पर तीन साल तैनात रह चुका है तो उसे दोबारा उस सीट पर काम करने का मौका दो साल के अंतराल पर ही मिल सकेगा। इस तरह नई नीति के तहत ग्रुप सी के कर्मचारियों का ट्रांसफर दो साल से पहले नहीं किया जा सकेगा। तीनों ग्रुपों के कर्मचारियों-अधिकारियों के लिए विशेष हालात में तबादला नीति में राहत भी दी गई है। अगर कर्मचारी-अधिकारी दृष्टिहीन, अंगहीन, कर्मचारी का बच्चा दिमागी तौर पर अस्वस्थ हो या किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हो, कर्मचारी अविवाहित लड़की हो या विधवा औरत हो या फिर कपल केस यानी पति-पत्नी दोनों सरकारी कर्मचारी हों, तो उन्हें तबादले के समय रियायत मिल सकती है।