देखिए इस अभागन मां को, जो इतनी मजबूर है कि वह दुनिया छोड़ चुके अपने 'सुपरकॉप' बेटे की शकल नहीं देख सकती। जानिए आखिर क्या वजह है।
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'सुपरकॉप' गिल को मां का आखिरी सलाम
सुपरकॉप से आप समझ ही गए होंगे कि हम किसकी बात कर रहे हैं। जी हां, ये देश के सुपरकॉप केपीएस गिल की मां हैं, जो दुनिया छोड़ चुके बेटे की शकल आखिरी बार नहीं देख सकती। वजह है इनकी बीमारी, जिसके चलते इन्हें सफर करने से मना किया गया है। रविवार को दिल्ली के लोधी गार्डन में इनके बेटे का अंतिम संस्कार होना है और ये चंडीगढ़ में हैं।
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'सुपरकॉप' गिल को मां का आखिरी सलाम
शनिवार को चंडीगढ़ स्थित केपीएस गिल की कोठी पर सन्नाटा पसरा रहा, लेकिन बुजुर्ग मां डा. सतवंत कौर, अपने छोटे बेटे बीएस गिल और बहू अमरजोत गिल के साथ यहां नजर आईं। छोटा बेटा व बहू तो रविवार को दिल्ली रवाना हो जाएंगे, लेकिन मां नहीं जा पाएंगी। मां ने कहा कि उनकी बहुत इच्छा है कि कंवर पाल सिंह गिल की एक बार सूरत देख सकूं, लेकिन डॉक्टरों ने तीन साल से उन्हें सफर न करने की सलाह दे रखी है।
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'सुपरकॉप' गिल को मां का आखिरी सलाम
इन्हीं मजबूरियों के आगे वह बेबस हैं। उन्होंने कहा कि वह कमजोर मां नहीं हैं। उनका बेटा अमर हुआ है। उधर, छोटे बेटे बीएस गिल कहते हैं कि मां आखिरी बार अपने बेटे को न देख सके, इससे बड़ी विडंबना क्या हो सकती है? लेकिन खराब सेहत की वजह से वह मां को दिल्ली तक सफर नहीं करवा सकते। उन्होंने बताया कि मां दिन भर भाई साहब की फोटो निहारती रहीं।
बेटा फैसले लेने में डरता नहीं था
कहती हैं, मेरा बेटा फैसले लेने में डरता नहीं था। इसी का नतीजा है कि आज पंजाब आतंकवाद मुक्त हवा में सांस ले रहा है। कंवर ने आईएएस की परीक्षा भी पास कर ली थी। लेकिन उनका जज्बा था कि वे देश के लिए कुछ करें, लिहाजा उन्होंने आईपीएस की परीक्षा क्लीयर कर पुलिस में जाना उचित समझा। उसके बाद उन्होंने पंजाब में आतंकवाद को खत्म करने में अहम रोल अदा किया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर बहुत फख्र है।