भारत में पानी के कई प्राकृतिक स्रोत हैं, लेकिन मानवीय हस्तक्षेप के कारण ये स्रोत विलुप्त होते जा रहे हैं। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि देशी-विदेशी पर्यटकों को लुभाने वाली नैनी और सुखना झील आने वाले हफ्तों में सूख जाएंगी। ऐसा ही देश की अन्य झीलों के साथ भी होगा।
आने वाले हफ्तों में सूख जाएंगी नैनीताल की नैनी और चंडीगढ़ की सुखना झील, जानिए इसके पीछे की वजह
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एक अखबार को दिए गए इंटरव्यू में सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट की प्रोग्राम मैनेजर (वॉटर) सुष्मिता सेनगुप्ता ने बताया कि आखिर क्यों भारत की झीलें सूख रही हैं। सुष्मिता सेन गुप्ता के मुताबिक नैनीताल और सुखना झील (चंडीगढ़) के सूखने के पीछे उन विभागों की उदासीनता है, जिन्हें इन झीलों की देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नया नियम वेटलैंड रूल्स 2010 कहा जाता है। लेकिन इस सबसे दूर, किसी भी राज्य ने न तो इससे संबंधित डाटा कंपाइल किया है और न ही कोई एजेंसी संगठित की। झीलों को बचाने के लिए जुलाई 2016 में सेंट्रल वेटलैंड रेगुलेटरी ऑथोरेटी, दिसंबर 2016 में वेटलैंड अमेंडमेंट रूल्स आदि प्रावधान रखे गए हैं। वर्तमान में झीलों की देखरेख पब्लिक हैल्थ इंजीनियरिंग, वॉटर सप्लाई, फिशरीज, इरिगेशन, अरबन डेवलपमेंट, टूरिज्म एंड फॉरेस्ट, पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट और वन व पर्यावरण विभाग के अंतर्गत आती हैं।