कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में सोमवार को पंजाब कांग्रेस ने हरियाणा-पंजाब की सीमा पर स्थित शंभू बॉर्डर पर विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया। लेकिन किसानों के नाम पर मोदी सरकार के खिलाफ मैदान में उतरी कांग्रेस का उस समय वीवीआईपी कल्चर देखने को मिला, जब धरनास्थल के पास शादी समारोह जैसे टेंट लगे मिले।
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कृषि कानूनों के खिलाफ शंभू बॉर्डर पर प्रदर्शन।
- फोटो : अमर उजाला
वहां कांग्रेस नेताओं के लिए शानदार लंच का प्रबंध किया गया था। खाना परोसने के लिए बाकायदा बड़ी संख्या में वेटर मौजूद रहे। इस संबंध में जब राजपुरा के कांग्रेस विधायक हरदियाल कंबोज से बात की तो उन्होंने कहा कि पार्टी के बड़े नेता आ रहे थे, इसलिए लंच का प्रबंध तो करना ही था।
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धरनास्थल पर था लंच का इंतजाम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बता दें कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़, पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत समेत कांग्रेस के दिग्गज नेता और मंत्री किसानों के समर्थन में धरना देने पहुंचे।लेकिन धरनास्थल के नजदीक कांग्रेस की ओर से लंच के किए शानदार इंतजाम को देखकर एक बार तो सभी सोचने को मजबूर हो गए कि यह धरना-प्रदर्शन है या फिर कोई पिकनिक का मौका।
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मंच पर मौजूद कांग्रेस नेता।
- फोटो : अमर उजाला
धरनास्थल के नजदीक शादी समारोह जैसे टेंट लगे थे। जहां कांग्रेस नेताओं के लिए लंच का प्रबंध किया गया था। वर्दी में वेटर लंच परोसने में जुटे थे। मिनरल वाटर से लेकर चाय और लंच में पनीर मिला मिक्स वेज, कढ़ी-चावल और रोटी का इंतजाम था। धरना-प्रदर्शन का आयोजन कोरोना गाइडलाइन के मुताबिक किया गया। यहां पर सैनिटाइजर का भी प्रबंध किया गया था।
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शंभू बॉर्डर में लगा लंबा जाम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कृषि कानूनों के विरोध में सोमवार को प्रदेश कांग्रेस ने सिंघु बॉर्डर की तर्ज पर पंजाब-हरियाणा सीमा पर स्थित शंभू बॉर्डर का घेराव किया। इस दौरान पंजाब कांग्रेस ने विशाल धरना दिया। सड़क पर सात किमी लंबा और लगभग छह घंटे जाम लगा रहा। धरने में करीब तीन हजार वाहन और दस हजार से ज्यादा लोगों ने भाग लिया। इतना ही नहीं सुबह के वक्त हरियाणा पुलिस ने पंजाब की सीमा सील कर दी। जाम में फंसे लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।