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लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ी शोभायात्राएं कानूनी पचड़े में फंसी, हाईकोर्ट में याचिका
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 29 Jul 2017 09:54 AM IST
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शोभायात्रा
- फोटो : demo photo
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लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ी शोभायात्राएं कानूनी पचड़े में फंस गई हैं। इनके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर करके बड़ी मांग की गई है, जानिए पूरा मामला।
शोभायात्रा
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दरअसल, सार्वजनिक स्थलों पर शोभायात्रा जैसे भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों की अनुमति के लिए अलग प्रावधान व व्यवस्था के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका जालंधर की ह्यूमन राइट्स एंड मीडिया ऑर्गेनाइजेशन संस्था ने दाखिल की है। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
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याचिका में बताया गया है की अक्सर देखने में आता है की सार्वजनिक स्थलों और सड़कों पर राजनीतिक दलों और धार्मिक शोभा निकाले जाने से पहले नियमों का पालन ही नहीं किया जाता है। याचिकाकर्ता संस्था ने खासतौर पर जालंधर में 4 अप्रैल को रामनवमी के अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा के दौरान बेकाबू ट्राले से तीन लोगों की हुई मृत्यु और 16 लोगों के घायल होने का मामला उठाया गया है।
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याचिका में कहा गया है कि शोभायात्रा के दौरान किसी भी नियम का पालन नहीं किया गया था। बेहद ही तंग मार्गों से यह यात्रा निकाली गई इस दौरान सुरक्षा उपायों की अनदेखी की गई थी जिस कारण यह हादसा हुआ कुछ मासूम लोगों की जान चली गई। इस घटना को लेकर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। यह एफआईआर सिर्फ ड्राइवर के खिलाफ ही दर्ज की गई। याचिकाकर्ता संस्था ने बताया है कि इस हादसे के असली दोषियों के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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याचिकाकर्ता ने इस हादसे कि जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही इस हादसे के पीड़ितों को मुआवजा दिए जाने की भी मांग की है। साथ ही ऐसी शोभा यात्रा चाहे वो धार्मिक हो या राजनीतिक, उसके लिए नियम बनाने की भी मांग की है ताकि भविष्य में फिर ऐसी दुर्घटना न हो। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित डीजीपी, जालंधर के पुलिस कमिश्नर, डीसी और नगर निगम को 25 अक्तूूबर के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।