पंजाब स्कूल एजूकेशन बोर्ड की ओर से दसवीं का नतीजा घोषित किया गया है। जिसमें लुधियाना के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन कर टॉप 10 में पहला स्थान हासिल किया है। जबकि दूसरे नंबर पर होशियारपुर और तीसरे नंबर पर संगरूर का नाम है। अकादमिक में तेजा सिंह स्वतंत्रता स्कूल की नेहा वर्मा ने 99.54 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पंजाब में टॉप किया है। जबकि स्पोर्ट्स कैटेगरी में तेजा सिंह स्वतंत्रता स्कूल के नीरज यादव और बीसीएम स्कूल जमालपुर की रीतिका ने 100 प्रतिशत अंक प्राप्त कर टॉप किया है।
टॉपर्स के संघर्ष की दास्तां - कोई ड्राइवर की बेटी तो किसी के पिता ने कर्ज लेकर पढ़ाया
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इसी तरह अकादमिक में आरएस मॉडल स्कूल शास्त्री नगर की अंकिता सचदेवा ने 99.23 प्रतिशत अंक और बीसीएम स्कूल जमालपुर की अंजली ने 99.23 प्रतिशत अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान हासिल किया है। जबकि बीसीएम स्कूल जमालपुर के अभिज्ञान कुमार ने 99.08, ननकाना साहिब स्कूल जनता नगर की अनीशा चोपड़ा ने 99.08 और सरकारी माडल स्कूल ढोलेवाल की सोनी कौर ने 99.08 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान हासिल किया है।
स्पोर्ट्स कैटेगरी में तेजा सिंह स्वतंत्रता स्कूल की 99.23 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान हासिल किया है। नतीजा जैसे ही घोषित किया गया तो स्कूलों में मानो जश्न का माहौल बन गया। ढोल नगाड़ों की गूंज और खुशी से स्कूल का माहौल ही बदल गया।
नर्सरी से नेहा रही स्कूल टॉपर, अब बनी पंजाब टॉपर
दो भाई और दो बहनो में सबसे बड़ी नेहा नर्सरी से ही स्कूल में टॉप कर रही है और दसवीं में पंजाब की टॉपर बनी है। इस सफलता से उसके माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं है। नेहा के मुताबिक उसने 95 प्रतिशत से अधिक की उम्मीद की थी। लेकिन यह नहीं पता था कि वह पंजाब की टॉपर बन जाएगी। वह आईपीएस बनना चाहती हैं।
अब वह आगे की पढ़ाई नान मेडिकल में करेगी। इंग्लिश उनका फेवरेट विषय है। इसके अलावा नेहा को म्यूजिक का शौक है। उन्होंने बताया कि पढ़ाई का समय फिक्स नहीं था। सितंबर के बाद पढ़ाई को अधिक समय देना शुरू किया। नेता की माता जिया वर्मा गृहणी है। जबकि पिता पवन कुमार ट्रक ड्राइवर है। शिमलापुरी स्थित क्वालिटी चौक निवासी नेहा ने बताया कि वह यहां किराए के मकान में रहते हैं।
पिता ट्रक ड्राइवरी में दस हजार कमाते है। जिसमें से पैंतीस सौ रुपये किराए में चले जाते है। लेकिन फिर भी कभी किसी तरह की परेशानी उन्होंने नहीं आने दी। स्कूल की ओर से किताबों में मदद की जाती है और फीस में भी सहायता की जाती है। छोटे भाई-बहन भी इसी स्कूल में पढ़ते है।
कर्जा लेकर पढ़ा रहे है पिता, नीरज ने स्टेट में किया टॉप
तेजा सिंह स्वतंत्रता स्कूल के छात्र नीरज यादव ने स्पोर्ट्स कैटेगरी में 100 प्रतिशत अंक हासिल कर स्टेट में पहला स्थान हासिल किया है। इस सफलता के श्रेय वह स्कूल को देना चाहता है। स्कूल में एक्स्ट्रा क्लास भी लगाई जाती थी। उसके बाद वह घर आकर पढ़ने के लिए भी समय निकालता। नीरज ने बताया कि वह दो भाई है और एक बहन है।
बड़ा भाई अमित भी इसी स्कूल में 2017 में पंजाब में दूसरे स्थान पर रहा था। परीक्षा में उसने मेरी बहुत सहायता की है। नीरज ने बताया कि वह आईआईटी से पढ़ाई करना चाहता है। आगे की पढ़ाई वह नान मेडिकल में जारी रखेगा। उसने बताया कि वह मार्शल आर्ट का खिलाड़ी है और नेशनल में सिल्वर मेडल जीत चुका है।
वह सुबह 6 बजे उठ कर खेलने जाता है और उसके बाद 7 से 5 बजे तक स्कूल और फिर घर आकर थोड़ा आराम करता है। इसके बाद 12 बजे तक पढ़ाई करता है। पिता शिव यादव लोहे की फैक्टरी में काम करते हैं। जबकि माता गुलाबो देवी गृहिणी है। पिता उधार लेकर हमें पढ़ा रहे है। बड़े भाई को आगे की पढ़ाई के लिए राजस्थान भेजा है। जिसके लिए पिता ने कर्जा लिया है।
बिना स्ट्रेस के पढ़ाई की
बीसीएम जमालपुर की 10वां की छात्रा रीतिका ने स्पोर्ट्स कैटेगरी में 100 प्रतिशत अंक हासिल कर टॉप किया है। रीतिका के मुताबिक स्कूल में पढ़ाई का समय 7 से 5 बजे तक होता था। जिसमें एक्स्ट्रा क्लास भी होती थी। घर पर आकर वह आराम करती और रिवाइज करती। परीक्षा के दिनो में 4 से 5 घंटे पढ़ाई के लिए समय जरूर निकालती।
जितना भी पढ़ती बिना स्ट्रेस के और ध्यान के साथ पढ़ती। वह नान मेडिकल में बीसीएम 32 सेक्टर में एडमिशन लेगी। इसके साथ ही अगला लक्ष्य एनडीए एग्जाम क्लीयर करना है। वह स्टेट लेवल की साफ्टबाल प्लेयर है और ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी है। पिता प्रमोद कुमार निजी कंपनी में सर्विसमैन है। जबकि माता सरिता गृहिणी है।