फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

जो चावल आप खा रहे, वो कहीं प्लास्टिक का तो नहीं, ऐसे पहचानें असली

Tue, 26 Dec 2017 06:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 26 Dec 2017 06:24 PM IST
विज्ञापन
plastic rice in market, how to identify real rice and plastic rice
rice
संभल कर रहें, जो चावल आप खा रहे हैं वह प्लास्टिक का हो सकता है। अब असली और नकली की पहचान कैसे हो, ये हम आपको बात रहे हैं जानिए।
plastic rice in market, how to identify real rice and plastic rice
rice
चंडीगढ़ स्थित जीएमएसएच-16 में स्थित रेडक्रॉस कैंटीन में प्लास्टिक के चावल बिकने का एक वीडियो शुक्रवार को वायरल हो गया। जब इस बात की खबर अस्पताल के अधिकारियों के पास पहुंची तो वे तुरंत कैंटीन पहुंचे और चावलों की जांच की। प्रारंभिक जांच में तो कुछ भी नहीं मिल पाया। नेचुरल चावल ही लगे। इसके बावजूद अधिकारियों ने चावल के दो सैंपल भरे।
plastic rice in market, how to identify real rice and plastic rice
rice
अधिकारियों ने एक सैंपल कच्चे चावल का और दूसरा पके चावल का लिया। दोनों को जांच के लिए फूड लैब में भेज दिया गया है। फूड सेफ्टी विंग से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि प्लास्टिक के चावल बिकने के दावे पिछले कई दिनों से देश भर में किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक किसी भी जांच में ये पता नहीं चल पाया है कि वे चावल प्लास्टिक के हैं। फिर भी जान लीजिए...
विज्ञापन
विज्ञापन
plastic rice in market, how to identify real rice and plastic rice
rice
नकली चावल, असली की तुलना में ज्यादा चमकीला है और यह पानी में भी नहीं तैरता है। नकली चावल का वजन असली की तुलना में हल्का होता है, इसीलिए इसे तोलने पर न‍कली चावल की मात्रा अधिक होगी। अगर दो तरह के नकली चावलों को एक साथ मिलकर देखेंगें, तो सारे चावलों की मोटाई और आकार, एक जैसा ही दिखाई देगा। नकली चावल बिल्कुल साफ सुथरा होगा, जबकि असली चावल में कहीं न कहीं धान की भूसी मिली होती है।
विज्ञापन
plastic rice in market, how to identify real rice and plastic rice
चावल
चावल को पकाते वक्त प्लास्टिक चावल में बिल्कुल प्लास्टिक की तरह ही महक आती है। साथ ही यह देर में भी पकता है। जब चावल के पकाया जाता है तो प्लास्टिक चावल के मांड पर सफेद रंग की परत जम जाती है, जबकि असली चावल में ऐसा नहीं होता। वहीं इसके मांड को कुछ देर तक धूप में रखकर देख‌िए, यह पूरी तरह से प्लास्टिक बन जाता है। ज‌िसे जलाकर इसे पता क‌िया जा सकता है।  

 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed