जैन धर्म के बड़े संत नहीं रहे, संस्कार में उमड़ा जन सैलाब
जैन धर्म के बड़े मुनि और राष्ट्र संत वाचनाचार्य मनोहर मुनि महाराज नहीं रहे। उनके अंतिम संस्कार में जन सैलाब उमड़ पड़ा। देखिए तस्वीरें।
जैन धर्म के बड़े संत नहीं रहे, संस्कार में उमड़ा जन सैलाब
राष्ट्र संत वाचनाचार्य मनोहर मुनि महाराज नहीं रहे। उनके अंतिम संस्कार में रविवार को जन सैलाब उमड़ पड़ा। जैन मुनि को श्रद्धालुओं ने नम आंखों से विदाई दी। देश के विभिन्न भागों से हजारों भक्तजन श्रद्धा सुमन समर्पित करने के लिए हाजिर हुए।
जैन धर्म के बड़े संत नहीं रहे, संस्कार में उमड़ा जन सैलाब
विभिन्न नगरों से जैन समाज के प्रतिनिधि तथा भक्तों ने सैकड़ों दोशाले मुनि महाराज की पार्थिव देह पर अर्पित किए। बैंडों और मिलिट्री बैंड ने अपनी सुमधुर धुनों से धार्मिक वातावरण का सृजन किया।
जैन धर्म के बड़े संत नहीं रहे, संस्कार में उमड़ा जन सैलाब
मुनि की अंतिम यात्रा में विशेष रूप से सुसज्जित उनके पार्थिव देह से युक्त पालकी का लोगों ने दर्शन किया। मनोहर मुनि जी अमर रहें, जब तक सूरज चांद रहेगा, गुरुवर तेरा नाम रहेगा, इन गगनभेदी नारों से आसमान गुंज उठा। अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं ने फल, पकौड़े, खाद्य सामग्री, कोल्ड ड्रिंक, प्रसाद वितरित किए।
जैन धर्म के बड़े संत नहीं रहे, संस्कार में उमड़ा जन सैलाब
सर्वप्रथम वीयूएमएम जैन पब्लिक स्कूल में स्टाफ तथा विद्यार्थियों ने अपने संस्थापक मुनि जी को पुष्पहार अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। तत्पश्चात मुनि जी की प्रेरणा से स्थापित अहिंसा स्तूप, सेक्टर-14 में वाचनाचार्य जी की पार्थिव देह का सम्मान करने के लिए श्रद्धालु उपस्थित थे।