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'क्या नवजोत सिद्धू के मंत्री पद पर रहते हुए टीवी शो में शामिल होना उचित है?'

Sun, 09 Apr 2017 09:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 09 Apr 2017 09:08 AM IST
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Petition against navjot singh sidhu in highcourt
नवजोत सिद्धू के 'ठहाकों' पर इतना हंगामा क्यों है बरपा?
कानून ही सब कुछ नहीं होता, नैतिकता और शुचिता भी कोई चीज होती है। तो 'क्या सिद्धू के मंत्री पद पर रहते हुए टीवी शो में शामिल होना उचित है?'
Petition against navjot singh sidhu in highcourt
Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh - फोटो : File Photo
पंजाब- हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के कामेडी शो में भाग लेने के मामले में सुनवाई करते हुए सूबे के एडवोकेट जनरल से पूछा कि क्या सिद्धू के मंत्री पद पर रहते हुुए टीवी शो में शामिल होना उचित है?
Petition against navjot singh sidhu in highcourt
- फोटो : File Photo
कोर्ट ने कहा कि कानून ही सब कुछ नहीं होता, नैतिकता और शुचिता के आधार पर इस मामले पर विचार करना होगा। पंजाब के एजी के आग्रह पर कोर्ट ने मामले में नोटिस जारी नहीं किया और सुनवाई 11 मई तक स्थगित कर दी है।
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Petition against navjot singh sidhu in highcourt
- फोटो : File Photo
उल्लेखनीय है कि एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने नवजोत सिंह सिद्धूू के कैबिनेट मंत्री रहते हुए कॉमेडी शो में भाग लेकर आमदनी करने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। शुक्रवार को मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की पीआईएल बेंच ने वकील की दलील को सैद्धांतिक तौर पर सही करार दिया। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि सिद्धूू के शो करने से किसी कानूनी प्रावधान का उल्लंघन हो रहा है, ऐसा सामने नहीं आया है। इस सबके बावजूद कानून ही सब कुछ नहीं है, नैतिकता और शुचिता के आधार पर भी इस विषय को देखना होगा। 
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Petition against navjot singh sidhu in highcourt
Navjot singh sidhu - फोटो : अमर उजाला
राय नहीं कानूनी दलील दूंगा: नंदा
सुनवाई के दौरान पंजाब के एडवोकेट जनरल अतुल नंदा ने कोर्ट के सवाल के जवाब में कहा की वह कानूनी मुद्दे पर राज्य सरकार के बचाव के लिए हैं और उचित-अनुचित की बजाय कानूनी प्रावधानों के तहत ही अपना पक्ष रखेंगे। उन्होंने खंडपीठ से आग्रह किया कि फ़िलहाल इस याचिका पर नोटिस जारी न किया जाए। अगली सुनवाई पर वह कानूनी प्रावधानों के तहत अदालत में अपना पक्ष रखेंगे।
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