मोदी ने भले ही बैंक से एक दिन में 4 हजार रुपये बदलवाने की लिमिट रखी हो, लेकिन लोग 20 हजार रुपये से ज्यादा बदलवा रहे हैं। देखिए कैसे लगाया जुगाड़।
सरकार ने 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करके बैंकों से रुपये बदलने की सीमा भले ही 4 हजार रुपये तय कर दी। लेकिन लोगों ने इसका तोड़ निकाल लिया है। एक आदमी अपनी पांच अलग-अलग आईडी लेकर पांच बैंकों में पहुंच रहा है और एक ही दिन में 20 हजार रुपये बदल रहा है। बैंकों में आईडी अपडेट करने में समय लगने की वजह से लोग ऐसा करने में कामयाब हो रहे हैं।
बैंक अधिकारी भी मानते है कि फिलहाल ऐसा संभव है। सरकार ने 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करके ऐसे नियम बनाए, जिससे एक दिन में केवल 4000 रुपये के पुराने नोट बदले जा सकें। यह नोट भी तभी बदले जा सकते हैं, जब कोई अपनी आईडी बैंक में जमा कराएगा। इन आईडी में आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, राशन कार्ड, पासपोर्ट, पेन कार्ड को मान्य किया गया है।
वहीं, लोग अपनी एक आईडी किसी बैंक में लेकर जाते हैं और वहां से 4 हजार रुपये बदल लेते हैं। उसके बाद दूसरी आईडी लेकर दूसरे बैंक में पहुंच जाते हैं और वहां से 4 हजार रुपये बदल रहे हैं। बैंक कर्मियों के अनुसार इसका सबसे बड़ा कारण यह है बैंक किसी भी ग्राहक से आईडी लेकर चार हजार रुपये बदल दे रहे हैं। उस आईडी को अपने यहां अपडेट कर दे रहे हैं, लेकिन दूसरे बैंकों को उसकी जानकारी नहीं हो पा रही है।
बैंक कर्मियों के अनुसार, इसके अलावा एक आदमी की आईडी भी अलग-अलग होती है। ऐसे में उसे पकड़ना आसान नहीं होता है। अगर कोई एक आईडी से अलग-अलग जगह से रुपये बदलता है तो उसे पकड़ा जा सकता है। लेकिन अलग-अलग आईडी इस्तेमाल करने पर पकड़ना मुश्किल है।