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शहीद का शव देख बहन बोलीं, आतंकियों को जिंदा मत छोड़ना

Tue, 05 Jan 2016 09:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरदासपुर(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरदासपुर(पंजाब) Updated Tue, 05 Jan 2016 09:31 AM IST
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शहीद का शव देख बहन बोलीं, आतंकियों को जिंदा मत छोड़ना

pathankot attack: funeral of shaheed kulwant singh in gurdaspur

पठानकोट में एयरबेस पर हुए आतंकी हमले में शहीद हुए कुलवंत सिंह के पार्थिव शरीर को आज नम आंखों से अंतिम विदायगी दी गई। देखिए, उनकी अंतिम यात्रा।

शहीद का शव देख बहन बोलीं, आतंकियों को जिंदा मत छोड़ना

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शहीद हुए कुलवंत सिंह गुरदासपुर के ब्लॉक काहनूवान के गांव चक्क शरीफ के रहने वाले थे। शहादत का समाचार मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जब उनका शव गांव पहुंचा तो मातम पसरा रहा। शव देख शहीद की बहन बेसुध हो गई। होश आने पर बोलीं- आतंकियों को जिंदा मत छोड़ना।

शहीद का शव देख बहन बोलीं, आतंकियों को जिंदा मत छोड़ना

pathankot attack: funeral of shaheed kulwant singh in gurdaspur

शहीद कुलवंत सिंह के शव को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। शव के घर पहुंचते ही उनके परिवार वालों के आंखों से आंसू झलक उठे। उनकी अंतिम यात्रा के मौके पर सैन्य अधिकारियों के अलावा आसपास के गांव के काफी व्यक्ति मौजूद थे।

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शहीद कुलवंत सिंह के चचेरे भाई ने बताया कि कुलवंत सिंह 1985 में आर्टिलरी सेना के केंद्र हैदराबाद में बतौर सिपाही भर्ती हुए थे। 2004 में रिटायरमेंट के बाद घर आ गए। 2006 में वह फिर सेना की डीसेंस सिक्योरिटी कोप (डीएससी) सेवा में भर्ती हो गए। दो माह पहले ही वह ओडिशा से तबदील होकर पठानकोट एयरबेस में ड्यूटी पर आए थे। मंगलवार को ही वह परिजनों से मिलकर पठानकोट लौटे थे।

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शहीद कुलवंत का छोटा बेटा गुरशरण सिंह बोला, "डैडी ने नए साल पर कहा था कि शेर बनो, पढ़ाई करो। अब मैं शेर बनूंगा और दुश्मनों को सबक सिखाऊंगा।" इस बीच चाचा लखविंदर सिंह को देखते ही शहीद कुलवंत सिंह का छोटा बेटा गुरशरण सिंह लिपट कर रोने लगा।

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