पासपोर्ट बनवाने की सोच रहे हैं जो जानिए, पासपोर्ट बनवाने को लेकर एक बड़ा नियम बदल दिया गया है। यहां क्लिक करके जानिए, बड़े फायदे का है।
देश भर के सरकारी अध्यापकों के लिए राहत की खबर है। सरकारी अध्यापकों को अब पासपोर्ट के लिए अप्लाई करने से पहले शिक्षा विभाग की एनओसी की जरूरत नहीं रहेगी। सरकार ने सरकारी अध्यापकों के पासपोर्ट आवेदन के साथ विभाग की एनओसी की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। नई व्यवस्था में सरकारी शिक्षक महज अपने विभाग को सूचित करके भी पासपोर्ट के लिए आवेदन कर सकेंगे।
फतेहाबाद में जिला शिक्षा अधिकारी दयानंद सिहाग ने इसकी पुष्टि की है। शिक्षा विभाग द्वारा लगाई गई एनओसी की शर्त के चलते जिले के सरकारी टीचर्स को पासपोर्ट आवेदन करने के बाद भी एक माह से अधिक का समय लग जाता था। दरअसल पुरानी व्यवस्था में सरकारी अध्यापक पासपोर्ट के लिए एनओसी का आवेदन प्रिंसीपल को देता था, जिसके बाद ये आवेदन पहले खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय व उसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जाता था।
दोनों दफ्तरों से वैरिफिकेशन होने के बाद सरकारी अध्यापक को पासपोर्ट के लिए एनओसी भेजी जाती थी। इस प्रोसेस में ही 15 से 20 दिन निकल जाया करते थे। लेकिन अब इस व्यवस्था को बदला गया है। सरकारी अध्यापक अपने पासपोर्ट आवेदन की सूचना एक पत्र के माध्यम से सीधा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भेज सकता है। उन्हें एनओसी की आवश्यकता नहीं रहेगी।
ऐसे करें आवेदन
फतेहाबाद जिले में इस समय करीब चार हजार सरकारी टीचर्स हैं और करीब सवा सौ के अध्यापक प्रतिमाह शिक्षा विभाग में पासपोर्ट एनओसी के लिए आवेदन करते हैं। लेकिन सरकार के नये आदेशों के बाद अब सरकारी अध्यापकों के सिर से ये टेंशन भी खत्म हो गई है। अब सरकारी अध्यापक सीधा पासपोर्ट कार्यालय में आवेदन कर अपना पासपोर्ट अप्लाई कर सकेंगे। इससे उनका पासपोर्ट भी पांच दिन से एक सप्ताह में आने की संभावना हो जाएगी।