नोटबंदी से सहकारी बैंकों पर गिरी गाज के बाद वहां कामकाज बुरी तरह से प्रभावित हो गया है। इस वजह से 25 नवंबर को पूरे देश की सहकारी बैंक यूनियनों की ओर से हड़ताल का एलान किया गया है। इसके अलावा किसानों को गेहूं की फसल के लिए बीज लेने में आ रही मुश्किलों को सहकारी सभाओं ने दूर कर दिया है और चेक के जरिये किसानों को बीज दिए जा रहे हैं।
नोटबंदी का किसानों पर बड़ा असर, अब ऐसे मिल रहा फसल का बीज
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सहकारी बैंक के मैनेजर इकबाल सिंह चहल ने बताया कि नगदी जमा और निकालने की पाबंदी के बाद बैंकों को बडे़ स्तर पर नुकसान हो रहा है। सबसे ज्यादा मुश्किलें किसानों को आ रही हैं। उन्होंने बताया कि जिले के करीब तीन लाख बैंक ग्राहक भी बेहद परेशान हैं, जिनमें ज्यादातर किसान हैं। सहायक मैनेजर नीरज काटिया ने बताया कि सहकारी बैंक से संबंधित यूनियनों की ओर से 25 नवंबर रोष स्वरूप देश व्यापी हड़ताल की जा रही है।
वहीं किसानों को गेहूं की फसल खरीदने में आ रही मुश्किल को दूर करते हुए सहकारी सभा रजिस्ट्रार ने फैसला किया है कि किसानों को खाद्य एवं बीज चेक के जरिये दिए जाएंगे। सहकारी सभा कार्यालय में तैनात अधिकारी अमर सिंह ने बताया कि सहकारी सभाओं की ओर से किसानों को सात हजार रुपये प्रति एकड़ का बीज चेक पर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जो चेक किसानों से लिया जा रहा है, उस पर 15 जनवरी 2017 की तारीख डाली जा रही है।
नगर निगम और बिजली विभाग को नोटबंदी से फायदा-
नोटबंदी के बाद नगर निगम और बिजली विभाग को बडे़ स्तर पर फायदा पहुंचा है। क्योंकि जिन लोगों के बिल बकाया थे, उन्होंने अपने पुराने नोट निकालने को अपना बिल अदा करना ही अच्छा समझा।
दूसरी नोटबंदी की मार रजिस्ट्री और स्टांप विभाग पर ऐसी पड़ी कि करोड़ों का नुकसान दोनों विभागों को झेलना पड़ रहा है। उक्त विभागों में काम न होने से लोगों को भी बेहद परेशानियों का सामना करना पड रहा है।