सरहद पर हेरोइन की तस्करी के नये-नये हथकंडे अपनाने के मामले में तस्करों का जवाब नहीं। अब BSF ने ये तरीका निकाला है, देखिए
सीमा पार से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने को लेकर बीएसएफ की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। पाक तस्करों ने कसूर (पाकिस्तान) स्थित सैंडल व चप्पलों की कुछ फैक्टरियों के कर्मियों से साठगांठ कर ली है। उन्होंने सैंडल के सोल में हेरोइन छिपाकर भारतीय तस्करों तक पहुंचाना शुरू कर दिया है। इस बात का खुलासा हाल ही में फेंसिंग पार खेत में मिले सैंडल के नये जोड़े के सोल से हेरोइन बरामद होने के बाद हुआ है।
मालूम हो कि कुछ किसान भी तस्करी से जुड़े हैं। खुफिया सूत्रों के मुताबिक फेंसिंग पार खेत में किसान अपने साथ रोटी और प्लास्टिक की बोतल में लस्सी लेकर जाते हैं। इसीलिए तस्करों ने प्लास्टिक की बोतल में हेरोइन भर कर भारतीय तस्करों तक पहुंचाना शुरू कर दिया था। इसके बारे में भी बीएसएफ को काफी देर बाद पता चला।
फिर तस्करों ने छोटे-छोटे हेरोइन के पैकेट बनाकर भेजना शुरू किया। कुछ दिन बाद इसका भी खुलासा होने पर तस्करों ने अपना तरीका बदल लिया। इसके बाद पाक तस्करों ने सैंडल के सोल में हेरोइन छिपाकर भेजना शुरू कर दिया।
इस बाबत बीएसएफ को खबर नहीं थी, क्योंकि किसान जूते पहन कर खेती करने के लिए फेंसिंग पार खेतों में जाते हैं। वहां से लौटते समय सैंडल पहनकर आने पर बीएसएफ को पता नहीं चलता था। 26 अप्रैल को बीएसएफ किसान गार्ड (जवान) को फेंसिंग पार खेत में एक बैग में सैंडल के जोड़े मिले, लेकिन सैंडल थोड़े भारी थे। शक होने पर उसका सोल उखाड़कर देखा तो उसमें 175 ग्राम हेरोइन मिली। जिसकी कीमत लाखों रुपये में थी। इसी लिए अब बीएसएफ के जवान फेंसिंग पार खेत में जाने वाले किसानों के जूतों को भी नजर रखने लगे हैं।