देश के लाखों राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। एक ऐसे मामले में फंस गए हैं, जानकर पसीने छूट जाएंगे। पूरी जानकारी चाहिए तो क्लिक करें, बस पता चला जाएगा।
दरअसल, हरियाणा में राशन डिपो से राशन वितरण के दौरान एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। सूबे के करीब 27 लाख उपभोक्ता बरसों से फर्जी ढंग से राशन ले रहे थे। ये उपभोक्ता लगभग 3.20 लाख राशन कार्डों से संबंद्ध थे। सभी जिलों में ऐसे फर्जी उपभोक्ता पिछले डेढ़ साल से हरियाणा सरकार के राडार पर थे। अब गत वित्त वर्ष की समीक्षा के बाद हरियाणा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने इन उपभोक्ताओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए इन सभी उपभोक्ताओं का राशन बंद कर दिया था।
विभाग का दावा है कि राशन लेने वाले ये 27 लाख उपभोक्ता फर्जी थे, जो लंबे समय से गलत ढंग से राशन हजम कर दूसरों का हक मार रहे थे। इससे सरकार को भी नुकसान हो रहा था। इनके साथ ही विभाग ने उन 3.20 लाख राशन कार्डों को भी निष्क्रिय कर दिया है, जिनसे ये उपभोक्ता अटैच थे। हरियाणा में विभिन्न श्रेणी के तहत 29.65 लाख राशन कार्ड थे। जिससे लगभग 1 करोड़ 37 लाख उपभोक्ता अटैच थे। सरकारी राशन सही उपभोक्ता तक पहुंचे।
इसके लिए सरकार ने सभी उपभोक्ताओं को निर्देश दिए थे कि वे अपने-अपने राशन डिपो पर जाकर अपने आधार कार्ड की प्रतियां जमा करवाएं, ताकि उनके आधार को उनके राशन कार्डों से लिंक किया जा सके। सरकार ने यही आह्वान उपभोक्ताओं से कहीं बार किया। लेकिन उसके बावजूद लगभग 27 लाख उपभोक्ताओं ने करीबन 3.20 लाख राशन कार्डों से न तो अपना आधार लिंक नहीं करवाया, न ही इस संबंध में कोई सूचना दी।
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राशन घोटाला
- फोटो : file photo
उधर, ये भी समीक्षा की गई कि जब हरियाणा में 93.8 प्रतिशत से अधिक लोगों का आधार जेनरेट हो चुका है, तो आखिरकार ये उपभोक्ता अपना आधार अपने राशन कार्डों से लिंक क्यों नहीं करवा रहे हैं? इस समीक्षा के बाद सरकार ने इन फर्जी उपभोक्ताओं का राशन बंद कर फर्जी राशन कार्डों को निष्क्रिय करने का फैसला लिया।