आंसुओं की ‘बारिश’ के साथ दुनिया से विदा हुए नेकचंद
दुनिया के नक्शे पर चंडीगढ़ को खास पहचान दिलाने वाले और रॉक गार्डन निर्माता पद्मश्री नेक चंद का शाम को राजकीय सम्मान के साथ सेक्टर-25 के श्मशानघाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
आंसुओं की ‘बारिश’ के साथ दुनिया से विदा हुए नेकचंद
कबाड़ से शानदार कलाकृतियां तैयार करने वाले बाऊजी (नेक चंद) के अंतिम दर्शन के लिए आम आदमी से लेकर पंजाब एंड हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर समेत शहर की कई जानी मानी हस्तियां पहुंचीं।
आंसुओं की ‘बारिश’ के साथ दुनिया से विदा हुए नेकचंद
सैकड़ों की संख्या में पर्यटकों ने भी नम आंखों से नेक चंद को विदाई दी। चंडीगढ़ प्रशासन के आला अधिकारियों के अलावा कला जगत की हस्तियां और शहर के जाने माने लोग भी अंतिम संस्कार में पहुंचे। अंतिम संस्कार के समय चंडीगढ़ पुलिस की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
आंसुओं की ‘बारिश’ के साथ दुनिया से विदा हुए नेकचंद
90 वर्षीय नेक चंद के शव को सुबह 8 बजे उनके सेक्टर-27 स्थित घर पर लाया गया। पूजा पाठ के बाद शव को विशेष वाहन से रॉक गार्डन ले जाया गया। लोगों ने मोबाइल और कैमरे से नेक चंद की आखरी यात्रा को कैद किया।
आंसुओं की ‘बारिश’ के साथ दुनिया से विदा हुए नेकचंद
रॉक गार्डन में आम जनता के दर्शनों के लिए नेक चंद के शव को सुबह 10 से शाम 4 बजे तक रखा गया। दिनभर नेक चंद को श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों का तांता लगा रहा। देशभर से पहुंचे कई टूरिस्ट भी रॉक गार्डन में नेक चंद के शव को देखकर रो पड़े।