देखिए, कौन थे नेकचंद...जिनके निधन पर मोदी भी गमजदा
पत्थर मारकर आसमां में सुराख करने वाली हस्ती का नाम था नेकचंद। नेकचंद के निधन पर प्रधानमंत्री मोदी भी गमजदा हैं। तस्वीरों में देखिए, नेकचंद की पूरी कहानी।
देखिए, कौन थे नेकचंद...जिनके निधन पर मोदी भी गमजदा
आखिर क्यों न हों, नेक चंद सैनी ही वह अकेले शख्स हैं, जिनका 40 साल पहले किया गया एक प्रयास आज चंडीगढ़ की एक विशिष्ट पहचान बन चुका है और दुनिया इसे रॉक गार्डन के नाम से जानती है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी नेकचंद के निधन पर टवीट कर शोक जताया।
देखिए, कौन थे नेकचंद...जिनके निधन पर मोदी भी गमजदा
ट्विटर और पीएमओ की ऑफिश्यल वेबसाइट पर प्रधानमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा, ‘श्री नेकचंद जी रॉक गार्डन की अपनी प्रतिभावान कलाकारी और शानदार सृजनात्मकता के लिए हमेशा याद किए जाएंगे जिसे बहुत लोगों ने देखा है।’ ‘ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।’
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नेकचंद वो शख्स हैं, जिन्होंने मन में एक काम करने की ठानी, तो उसे पूरा करने के लिए अपनी सारी ताकत झोक दी। उनकी इच्छा शक्ति साकार हुई तो सरकार ने इसे नाम दिया रॉक गार्डन। नेकचंद ने अभी हाल ही में 15 दिसंबर 2014 को 90 साल पूरे किए थे। रॉक गार्डन पर भव्य तरीके से जन्मदिन मनाया गया था।
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रॉक गार्डन बनाने के पीछे का सच खुद नेकचंद ने बताया था। उन्होंने कहा था कि नौकरी के दौरान ही उन्हें इस काम का आइडिया आया था। वे अक्सर ऐसी जगह जाते थे, जहां बेकार सामान को फेंक दिया जाता था। उसे देखकर ही उन्हें बेकार चीजों से कुछ बनाने का विचार आया और वे उसे पूरा करने में जुट गए।