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मरने के 8 साल बाद पुनर्जन्म, 3 साल के बच्चे की हैरान करने वाली कहानी
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद(हरियाणा)
Updated Tue, 25 Jul 2017 09:21 AM IST
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बच्चे के पुर्नजन्म की कहानी
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19 साल की उम्र में मरने के 8 साल बाद उसने दूसरा जन्म लिया। पहले जन्म में वह क्या था कहां से था और क्या करता था, उसे सब कुछ याद है।
बच्चे के पुर्नजन्म की कहानी
मामला हरियाणा के जींद का है। शहर से सटे जलालपुरा कलां गांव में जन्मे साढ़े तीन साल के लविश अपने पूर्व जन्म की घटनाएं बता रहा है। इससे पूरे परिवार सहित आसपास के लोग हैरत में हैं। परिवार के लोगों का दावा है कि साढ़े तीन वर्षीय बच्चा करीब दो महीने पहले उन्हें अपने-अपने आप ही आठ किलोमीटर दूर रामराये गांव में ले गया। सिर्फ गांव में ही नहीं बच्चा उनको ठीक उसी घर में ले गया, जहां उसके पहले जन्म का दावा किया जा रहा है
बच्चे के पुर्नजन्म की कहानी
यहां पहुंचते ही बच्चे अपने कथित तौर पर पहले जन्म के माता-पिता को पहचान लिया और पूर्व जन्म में उनके खेत कहां है, इसको भी बताया। इसके बाद से बच्चे को देखने वालों का तांता लग रहा है। जलालपुर कलां गांव में विनोद के घर में 2014 में बेटे ने जन्म लिया। विनोद के पिता और लविश के दादा सुभाष का कहना है कि एक साल पहले जब लविश ने बोलना शुरू किया तो वह तोतली आवाज में रामरा-रामरा बोलता था। तब किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया।
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बच्चे के पुर्नजन्म की कहानी
लविश के दादा सुभाष उसे एक दिन रामराये गांव में लेकर चले गए। जब वे गाड़ी में रामराये गांव के बस स्टॉप पर पहुंचे तो बच्चा गांव की ओर हाथ करने लगा। इससे गाड़ी उसके हाथ के इशारे के अनुसार मोड़ी गई। एक जगह बच्चे ने चिल्लाकर गाड़ी को रुकवा लिया। यहां बच्चे ने गाड़ी से उतर कर पहले जन्म की मां बिमला और बड़े भाई विजयपाल को पहचान लिया। सुभाष के अनुसार लविश बिमला को लिपट गया।
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बच्चे के पुर्नजन्म की कहानी
फिर लविश पड़ोस की एक महिला कमला के घर गया और उस स्थान पर पहुंच गया, जहां संदीप को करंट लगा था। यहां पर निहारने के बाद लविश को घर ले जाया गया। जब इस बारे में लविश से पूछा गया तो उसने अपने परिवार के लोगों सहित पड़ोसियों को भी पहचान लिया। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच में संबंध बन गए और दोनों परिवारों के बीच आना-जाना भी शुरू हो गया। अब लविश सिर्फ अपने ही नहीं खेत पड़ोसियों को भी पहचान रहा है।