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'मेरे जिगर का टुकड़ा था, आंखों के सामने छलनी कर दिया... पापा को क्या जवाब दूंगी'

Wed, 10 May 2017 09:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़/पंचकूला
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़/पंचकूला Updated Wed, 10 May 2017 09:09 AM IST
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mother told story of son bouncer amit sharma alias meet near saketri temple
बाउंसर मीत की हत्या
मेरे जिगर का टुकड़ा था और उसे मेरी ही आंखों के सामने छलनी कर दिया। मैं कुछ नहीं कर पाईं, क्या जवाब दूंगी उसके पापा को। कहते कहते मां बेसुध हो गई।
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बाउंसर मीत की हत्या
मौका ए वारदात पर मौजूद बाउंसर मीत की मां से पुलिस ने पूछताछ की तो वह बदहवासी में बस यही कहती रही कि वह कभी अपने साथ मुझे मंदिर लेकर नहीं जाता था। आज ही गई थी और उसे मेरी आंखों के सामने गोलियां मार दी। अब मैं ऊपर जाकर उसके पापा को क्या जवाब दूंगी, कि मैं उनके जिगर के टुकड़े का ख्याल नहीं रख पाई।
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सकेतड़ी में दिनदहाड़े बाउंसर की गोलियां बरसाकर हत्या
मेरा मीत कई सालों से सकेतड़ी मंदिर में माथा टेकने के लिए आता था। उसने कभी यह रिवायत तोड़ी नहीं थी। आंधी आए या तूफान भोले बाबा के दर्शन सोमवार के दिन वह जरूर करता था। सकेतड़ी के मंदिर वह हमेशा अकेले ही आता था, मैं कभी भी उसके साथ मंदिर नहीं आई। यह पहली बार था जब मैं मीत के साथ आई थी। यह दर्द मीत की मां रूपरानी का है।
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saketri murder
हमने एक साथ माथा टेका, साथ ही बाहर भी आए। एक भिखारी ने मेरा रास्ता रोक लिया। उसे पैसे देने लगी। आगे जाने पर भी मीत का ध्यान मेरी तरफ था। वह मुझे देखते हुए कार का दरवाजा खोल रहा था। उसने देखा ही नहीं कुछ नकाबपोश उस पर गोलियां चलाने की तैयारी कर रहे हैं। हमलावरों ने पीछे की तरफ से गोलियां चलाईं। 12 के करीब गोलियां चली होंगी।
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saketri murder
मैंने पुलिस को बुलाने की कोशिश की, लेकिन वहां कोई नजर नहीं आया। जिन दरिंदों ने मेरे बेटे पर गोलियां चलाई उन्होंने चेहरा ढका था, लेकिन उनकी गाड़ी पर पीली नंबर प्लेट थी। पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में दो घंटे जमीन पर बैठे बेटे का इंतजार करती रूपरानी ने कहा कि बेटा उन दरिंदों को जरूर पहचानता होगा, जैसे ही डॉक्टर ठीक कर देंगे वह पुलिस को बता देगा कि उस पर हमला किसने किया।

 
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