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एक शरीर, दो जान, दो चेहरे और 4 बाजू, कुदरत का ये करिश्मा देखना नहीं चाहेंगे
amarujala.com- Presented by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 08 Jun 2017 09:09 AM IST
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आपस में जुड़े भाई सोहणा और मोहणा
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एक शरीर, पर दो जान, दो चेहरे और चार बाजू। कुदरत के किसी करिश्मे से कम नहीं हैं ये, यकीं नहीं होता तो अपनी आंखों से देख लीजिए तस्वीरों में।
आपस में जुड़े भाई सोहणा और मोहणा
ये हैं पंजाब के अमृतसर निवासी दो भाई सोहणा और मोहणा। दिल्ली के सुचेता कृपलानी अस्पताल में 14 जून 2003 को आपस में जुड़े दो बच्चों का जन्म हुआ था। डॉक्टर्स ने कहा था कि इन्हें अलग नहीं किया जा सकता है। इनका बचना मुश्किल है, लेकिन ऐसी सभी आशंकाओं को झूठा साबित करते हुए ये दोनों बच्चे अगले महीने अपना 14वां जन्मदिन मनाने वाले हैं।
आपस में जुड़े भाई सोहणा और मोहणा
बता दें कि दोनों बच्चों का बदन एक है। दो चेहरे, चार हाथ सामान्य बच्चों की तरह ही चलते हैं, लेकिन दो टांगें दो अलग-अलग दिमागों से निर्देशित होती हैं। इनके सिर, छाती, दिल, फेफड़े और रीढ़ अलग-अलग हैं, लेकिन किडनी,लीवर और ब्लैडर सहित शरीर के दूसरे अंग एक-एक ही है। आज के अति आधुनिक युग में भी सोहणा-मोहणा डॉक्टरों के लिए चुनौती बने हुए हैं।
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आपस में जुड़े भाई सोहणा और मोहणा
न्यूरो सर्जन डॉ. मुकुल वर्मा का मानना है कि दो लाख बच्चों के जन्म के बाद आपस में जुड़ा एक बच्चा पैदा होता है। ऐसे आधे से ज्यादा बच्चे जन्म के चौबीस घंटों के बीच दम तोड़ देते हैं, लेकिन सोहणा मोहणा एक चैलेंज हैं। इन्हें अलग नहीं किया जा सकता, लेकिन इन्हें देखकर ये नहीं लगता कि कोई दिक्कत है। स्वस्थ हैं और आराम से जिंदगी जी रहे हैं।
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आपस में जुड़े भाई सोहणा और मोहणा
सोहणा-मोहणा का जब जन्म हुआ था तो माता-पिता कामिनी और सुरजीत कुमार ने अस्पताल से इन्हें किसी ऐसी संस्था को देने को कहा, जो इनकी बेहतर देखभाल कर सके। इसकी जानकारी जब बेसहारा और बीमारों की सेवा में जुटी संस्था 'पिंगलवाड़ा' को लगी तो उन्होंने इन बच्चों की जिम्मेदारी ली और अपने साथ ले गए।