फल के साथ छिलका खाइए, इस जानलेवा बीमारी को दूर भगाइए
फलों के साथ-साथ उसके छिलके हमें कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से बचाने में कारगर साबित हो सकते हैं। यकीन नहीं होता लेकिन, ये सच है। रिपोर्टः विनीत तोमर,रोहतक
फल के साथ छिलका खाइए, इस जानलेवा बीमारी को दूर भगाइए
ये सामने आया है एमडीयू के फार्मेसी डिपार्टमेंट में चली रिसर्च में। रिसर्च के दौरान कई फलों में फ्लेनोएडस नाम का एंटीकैंसर केमिकल पाया गया। एमडीयू के फार्मेसी डिपार्टमेंट में दो वर्ष पहले ‘स्क्रिनिंग ऑफ ए फ्यू इंडिया फ्रूटस पिल्स फोर देयर एंटीकैंसर एक्टीविटी’ नाम से प्रोजेक्ट शुरू किया गया था।
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डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ. मुनीष गर्ग और एमफार्मा द्वितीय वर्ष की छात्रा सोनिया पाराशर और कुसुमलता ने इस प्रोजेक्ट के तहत केला, बेर, आम, चीकू, सेब और संतरा समेत 40 फलों के छिलकों को लिया।
फल के साथ छिलका खाइए, इस जानलेवा बीमारी को दूर भगाइए
लैब में इन छिलकों पर एमटीटी एससेय ऑन जी-2 सेल लाइन के तहत रिसर्च की गई। इसमें देखा गया कि किस फल के छिलके में एंटीकैंसर केमिकल है। रिसर्च में शोधकर्ताओं ने पाया कि पपीते समेत चार फलों में फ्लेनोएडस एंटीकैंसर की मात्रा सबसे अच्छी मिली।
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रिसर्च में साबित हुआ कि एंटीकैंसर की वजह से फलों में आईसी-50 वेल्यू कम हुई, जो कैंसर के कीटाणुओं को खत्म करने की क्षमता रखती है। रिसर्च के परिणाम को देखकर कहा जा सकता है कि कैंसर से लड़ने में पपीता का छिलका सबसे बेहतर है। रिसर्च का डिजरटेशन अब तैयार किया गया है।