हर घर में एलपीजी यूज होती है, लेकिन इसे लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर ऐसा नहीं करेंगे तो इस मां की तरह पछताएंगे आप।
कुरुक्षेत्र में सिलेंडर के कारण घर के चार चिराग बुझ गए। इसलिए कुरुक्षेत्र की सरस्वती गैंस एजेंसी मालिक बता रहे हैं कि सिलेंडर को लीकेज से बचाने के लिए कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी हैं। एजेंसी मालिक बताते हैं कि चूल्हे और गैस सिलेंडर में लगी सुरक्षा पाइप का अहम रोल होता है। सुरक्षा पाइप 1.5 मीटर से ज्यादा लंबी या इससे छोटी नहीं होनी चाहिए। 5 साल के बाद सुरक्षा पाइप को बदल देना चाहिए। कई लोग रबड़ वाली पाइप का प्रयोग करते हैं जो घातक सिद्ध हो सकती है।
सुरक्षा पाइप में 5 तरह की परतें होती हैं जो कि इसे सुरक्षित बनाती है। इसलिए इसे सुरक्षा पाइप कहते हैं। इसके साथ-साथ हमेशा चूल्हे को ऊपर रखे और गैस सिलेंडर नीचे रखा होना चाहिए। गैस सिलेंडर के आसपास कोई भी ज्वलनशील पदार्थ या फिर बिजली के उपकरण नहीं होने चाहिए।
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एलपीजी की कालाबाजारी
- फोटो : अमर उजाला
एजेंसी ने बताया कि रेगुलेटर को लेकर भी अकसर लोग सावधानी नहीं बरते हैं। रेगुलेटर उसी कंपनी को होना चाहिए जिस कंपनी का सिलेंडर होता है। कंपनी सिलेंडर के मुताबिक ही रेगुलेटर का निर्माण करती है। उन्होंने बताया कि आईएसआई मार्क के चूल्हे का ही इस्तेमाल करना चाहिए और समय-समय पर चूल्हे की सर्विस करवाते रहना चाहिए।
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एक साथ जलीं 4 भाई-बहनों की चिताएं
बता दें कि कुरुक्षेत्र के दयालपुर में वीरवार को एक सिलेंडर ने चार भाई बहनों की जान ले ली, वहीं मां बाल बाल बच गईं। सिलेंडर में लगी आग में झुलसने से मरे बच्चों में 3 लड़कियां और एक लड़का था। एक लड़की की वीरवार को ही मौत हो गई थी। वहीं बाकी घायलों ने शुक्रवार को दम तोड़ दिया। उसके बाद पूरे दयालपुर में कोहराम मच गया।