जम्मू कश्मीर के हंदवाड़ा में आतंकियों से भिड़ने ने पहले मेजर सतीश दहिया ने जो आखिरी शब्द कहे थे, सुनकर आपका सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा।
शहीद मेजर सतीश दहिया मंगलवार को शहीद हो गए थे। उनका पार्थिव शरीर बुधवार शाम नारनौल में स्थित उनके पैतृक गांव बनिहाड़ी पहुंचा और यहां राजकीय सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार कर दिया गया। शहीद को उनकी तीन साल की बेटी प्रिया ने दी मुखाग्नि दी। शहादत से पहले इस वीर सपूत ने अपने मंगलवार दोपहर बाद अपनी पत्नी व माता-पिता से फोन से आखिरी बार बात की और उनसे जो कुछ कहा, वह उनके आखिरी संवाद बन गए।
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मेजर सतीश दहिया की बेटी
- फोटो : अमर उजाला
सतीश दहिया के पिता अचल सिंह बताते हैं कि मंगलवार सवेरे करीब पौने 5 बजे फोन पर बात वह बेटे से फोन पर बात कर रहे थे। इस बीच पता चला कि आतंकी हमला हो गया। सतीश ने फिर कहा कि करते हुए बेटे ने कहा था आतंकी घुस आए हैं, इन्हें ढेर करके दोबारा कॉल करूंगा। सतीश ने कहा था कि पहले वह उनसे निपट आता है, उनका सफाया करके वापस आने के बाद बात करता हूं। इसके बाद कॉल आई तो जरूर, लेकिन बेटे की शहादत की।
कश्मीर के हेंदवाड़ा में शहीद हुए मेजर सतीश दहिया का पार्थिव शरीर बुधवार देर शाम को उनके पैतृक गांव बनिहाड़ी पहुंचा। मृतक के पार्थिव शरीर को सेना के हेलीकाप्टर से नांगल चौधरी लाया गया फिर यहां से गांव बनिहाड़ी पहुंचाया गया जहां देर शाम को करीब साढ़े सात बजे राजकीय सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर सेना की टुकड़ियों ने सलामी दी।
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मेजर सतीश दहिया का अंतिम संस्कार
शहीद मेजर के अंतिम दर्शन के लिए गांव बनिहाड़ी में गांव व आसपास के हजारों लोग पहुंचे। हर किसी की जुबां पर शहीद का नाम रह रहकर आ रहा था। वहीं हर किसी की आंखें नम थी। जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर हेलिकाप्टर से उतारा गया, वैसे ही लोगों ने भारत माता की जय व शहीद मेजर अमर रहे के नारे लगाए गए।शहीद को उनकी तीन वर्षीय बेटी प्रिया ने मुखाग्नि दी।