{"_id":"5fce13dd8ebc3ecfa21490a2","slug":"kisan-andolan-people-of-punjab-supported-farmers","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"किसान आंदोलन : किसानों के समर्थन में आगे आया पंजाब, तस्वीरों में देखें समर्थन का तरीका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान आंदोलन : किसानों के समर्थन में आगे आया पंजाब, तस्वीरों में देखें समर्थन का तरीका
Mon, 07 Dec 2020 05:30 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 07 Dec 2020 05:30 PM IST
विज्ञापन
पंजाब में किसान आंदोलन को खूब समर्थन मिल रहा है।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-हरियाणा बार्डर पर धरने पर बैठे किसानों को पंजाब में जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। सोमवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने सभी गुरुद्वारों में किसानों के समर्थन में अरदास की। वहीं लुधियाना में छोटे-छोटे बच्चों ने खाली प्लेट लेकर अपना समर्थन जताया। पहली बार गुरुद्वारों के रागी सिंहों ने किसी आंदोलन में कूदने की घोषणा कर दी है।
मुक्तसर में गुरुद्वारा साहिब में किसान आंदोलन के समर्थन में अरदास की गई।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पंजाब के सभी गुरुद्वारों में हुई अरदास
कृषि कानून के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन को सफल बनाने के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने सभी ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिबान में अरदास-कीर्तन आयोजन किया। पूरे पंजाब में सोमवार को सुबह आठ बजे से नौ बजे तक स्थानीय गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों द्वारा संचालित गुरुद्वारा साहिबान में किसानों के समर्थन में अरदास की गई।
कृषि कानून के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन को सफल बनाने के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने सभी ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिबान में अरदास-कीर्तन आयोजन किया। पूरे पंजाब में सोमवार को सुबह आठ बजे से नौ बजे तक स्थानीय गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों द्वारा संचालित गुरुद्वारा साहिबान में किसानों के समर्थन में अरदास की गई।
अमृतसर के गुरुद्वारा साहिब में अरदास करते एसजीपीसी के पदाधिकारी।
- फोटो : ANI
पूरा देश केंद्र के खिलाफ खड़ा है : बीबी जागीर कौर
अमृतसर में श्री हरमंदिर साहिब परिसर में स्थित शहीद बाबा गुरुद्वारा गुरबक्श सिंह में भी अरदास-कीर्तन समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में श्री दरबार साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह व एसजीपीसी की अध्यक्ष बीबी जागीर कौर शामिल हुईं। ज्ञानी जगतार सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की मांगों को माने और कृषि कानूनों को वापस ले। बीबी जागीर कौर ने कहा कि पूरा देश केंद्र सरकार के अड़ियल रवैये के खिलाफ खड़ा हो चुका है। यूएनओ, कनाडा सहित कई देशों ने किसानों के आंदोलन का समर्थन किया है। एसजीपीसी ने पूरे पंजाब में किसान आंदोलन को सफल बनाने के लिए अरदास की है।
अमृतसर में श्री हरमंदिर साहिब परिसर में स्थित शहीद बाबा गुरुद्वारा गुरबक्श सिंह में भी अरदास-कीर्तन समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में श्री दरबार साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह व एसजीपीसी की अध्यक्ष बीबी जागीर कौर शामिल हुईं। ज्ञानी जगतार सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की मांगों को माने और कृषि कानूनों को वापस ले। बीबी जागीर कौर ने कहा कि पूरा देश केंद्र सरकार के अड़ियल रवैये के खिलाफ खड़ा हो चुका है। यूएनओ, कनाडा सहित कई देशों ने किसानों के आंदोलन का समर्थन किया है। एसजीपीसी ने पूरे पंजाब में किसान आंदोलन को सफल बनाने के लिए अरदास की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
लुधियाना में किसान आंदोलन के समर्थन में धरने पर बैठा परिवार।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
किसानों के हक में खाली प्लेट लेकर धरने पर बैठीं बच्चियां
लुधियाना के भारत नगर चौक पर जगरांव शहर से आए परिवार ने किसानों के समर्थन में धरना दिया। धरने में शामिल छह वर्ष की सीरत और तीन वर्ष की रावी हाथों में खाली प्लेट लेकर यही संदेश दे रही थी कि अगर किसान नहीं रहे तो आम लोग पेट कैसे भरेंगे। जगरांव के कच्चा मलक रोड निवासी सुखविंदर सिंह ने बताया कि वह फ्लोर मिल चलाते हैं। उनके पास खेती के लिए जमीन नहीं है, लेकिन वह एक बात जानते हैं कि केंद्र सरकार ने किसानों के खिलाफ तीन काले कानून बना दिए हैं। एक कारोबारी होने के नाते उनका फर्ज है कि वह किसानों का साथ दें। सुखविंदर ने बताया कि उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर, सीरत, रावी भी किसानों के पक्ष में हैं। बुधवार को केंद्र सरकार के साथ किसानों की बैठक होगी। बुधवार की बैठक में कोई हल नहीं निकला तो वह वीरवार को दोबारा अपने परिवार के साथ यहां पर धरना देंगे।
लुधियाना के भारत नगर चौक पर जगरांव शहर से आए परिवार ने किसानों के समर्थन में धरना दिया। धरने में शामिल छह वर्ष की सीरत और तीन वर्ष की रावी हाथों में खाली प्लेट लेकर यही संदेश दे रही थी कि अगर किसान नहीं रहे तो आम लोग पेट कैसे भरेंगे। जगरांव के कच्चा मलक रोड निवासी सुखविंदर सिंह ने बताया कि वह फ्लोर मिल चलाते हैं। उनके पास खेती के लिए जमीन नहीं है, लेकिन वह एक बात जानते हैं कि केंद्र सरकार ने किसानों के खिलाफ तीन काले कानून बना दिए हैं। एक कारोबारी होने के नाते उनका फर्ज है कि वह किसानों का साथ दें। सुखविंदर ने बताया कि उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर, सीरत, रावी भी किसानों के पक्ष में हैं। बुधवार को केंद्र सरकार के साथ किसानों की बैठक होगी। बुधवार की बैठक में कोई हल नहीं निकला तो वह वीरवार को दोबारा अपने परिवार के साथ यहां पर धरना देंगे।
विज्ञापन
किसानों को समर्थन देने का एलान करते रागी सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
रागी सिंह भी देंगे किसानों को समर्थन
अमृतसर के श्री हरमंदिर साहिब में कीर्तन करने वाले हजूरी रागी सिंहों और शिरोमणि रागी सभा से जुड़े कीर्तनियों ने भी कृषि कानूनों के खिलाफ संघर्ष कर रहे किसानों को समर्थन देने की घोषणा की है। यह पहली बार है कि रागी सिंहों ने किसी आंदोलन में कूदने की घोषणा की है। शिरोमणि रागी सभा के संरक्षक भाई रविंद्र सिंह और भाई ओंकार सिंह ने अमृतसर में कहा कि उनकी संस्था से जुड़े सभी रागी सिंह किसानों द्वारा किए जा रहे धरना-प्रदर्शन में हाजिरी भरकर आंदोलन में सहयोग देंगे। रागी सिंह अलग-अलग समय में धरने पर हाजिरी भरकर गुरबाणी और कीर्तन करेंगे। इस दौरान जो भी रागी सिंह गुरुघरों की ड्यूटी निभा रहे हैं, उनका समर्थन भी किसानों के साथ होगा।
अमृतसर के श्री हरमंदिर साहिब में कीर्तन करने वाले हजूरी रागी सिंहों और शिरोमणि रागी सभा से जुड़े कीर्तनियों ने भी कृषि कानूनों के खिलाफ संघर्ष कर रहे किसानों को समर्थन देने की घोषणा की है। यह पहली बार है कि रागी सिंहों ने किसी आंदोलन में कूदने की घोषणा की है। शिरोमणि रागी सभा के संरक्षक भाई रविंद्र सिंह और भाई ओंकार सिंह ने अमृतसर में कहा कि उनकी संस्था से जुड़े सभी रागी सिंह किसानों द्वारा किए जा रहे धरना-प्रदर्शन में हाजिरी भरकर आंदोलन में सहयोग देंगे। रागी सिंह अलग-अलग समय में धरने पर हाजिरी भरकर गुरबाणी और कीर्तन करेंगे। इस दौरान जो भी रागी सिंह गुरुघरों की ड्यूटी निभा रहे हैं, उनका समर्थन भी किसानों के साथ होगा।