भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर रविवार को आयोजित विचार गोष्ठी में हिस्सा लेने पंजाब के मोगा स्थित शहीदी पार्क पहुंचे भाजपा सांसद हंसराज हंस का किसान संगठनों ने घेराव कर उन्हें खूब खरी-खोटी सुनाई। सांसद हंस के सामने ही किसानों व महिलाओं ने उनके खिलाफ नारे लगाए।
भाजपा सांसद हंसराज हंस को किसानों ने घेरा, रखीं ऐसी दो मांगें कि गाड़ी में बैठना पड़ा
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हंसराज हंस के काफिले को जब संगठनों ने घेर लिया तो मजबूरन उन्हें किसानों के बीच आना पड़ा। करीब 15 मिनट तक सांसद किसानों के बीच हाथ जोड़कर उन्हें समझाने को कोशिश करते रहे। किसानों ने उनकी एक न सुनते हुए जमकर खरी-खोटी सुनाई। किसानों ने उनसे कहा कि या तो वह अपने पद से इस्तीफा दें, नहीं तो उनके साथ धरने में आकर बैठे और किसान यूनियन का झंडा उठाएं।
सांसद हंसराज किसानों की उक्त मांग को न मानते हुए अपनी गाड़ी में बैठ गए। इस पर किसानों ने रास्ते पर ही धरना लगाकर उन्हें वहीं घेर लिया। करीब आधा घंटा किसानों ने सांसद को घेर रखा। जब पुलिस आधिकारियों ने किसान नेताओं को समझाया तो वह धरने से उठ गए। इसके बाद सांसद हंसराज को कड़ी सुरक्षा में विरोध के बीच वहां से निकाला गया।
एक मंच पर दिखे अकाली-भाजपा कार्यकर्ता
शहीदी पार्क में आयोजित गोष्ठी के मंच पर शहर के भाजपा नेताओं के साथ अकाली दल के कार्यकर्ता भी दिखे। इस संबंध में जब सांसद हंसराज हंस से सवाल किया गया तो उन्होंने हंसकर कहा कि भाजपा और अकाली दल तो शुरू से ही एक हैं। वहीं इस कार्यक्रम के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने नेताओं के साथ निराशा जाहिर करनी शुरू कर दी कि आखिर अकाली दल के कार्यकर्ताओं को कार्यकर्म में क्यों शामिल किया गया। ऐसा करके अकाली दल निगम चुनाव के लिए खुद को प्रमोट कर रहा है।
किसानों के सबसे बड़े दुश्मन हैं हंसराज : गुरचरन सिंह
किसान नेता गुरचरन सिंह ने मीडिया से बातचीत करते कहा कि भाजपा नेताओं में सांसद हंसराज हंस किसानों के सबसे बड़े दुशमन हैं। पंजाबी होने के बावजूद हंसराज हंस ने अभी तक किसानों का समर्थन नही किया है। अब जब किसानों की ओर से उनका विरोध होने लगा है तो वह दिखावे के लिए मीडिया के सामने खुद को उनका हमदर्द बता रहें हैं।