हरियाणा पुलिस ने जब डबवाली सीमा पर नाकेबंदी की तो हजारों किसानों ने वहीं पर धरना शुरू कर दिया। भारतीय यूनियन एकता (उगराहां) की अगुवाई में बड़ी संख्या में महिलाएं भी दिल्ली जा रही हैं। धरने में बैठी महिला गुरदेव कौर (55) ने कहा कि सरकार हक देती नहीं है, इन्हें लेना ही पड़ता है।
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डबवाली में धरने पर बैठीं महिलाएं।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुदेव कौर ने बताया कि उनके परिवार के पास पांच एकड़ जमीन है। परिवार किसान यूनियन से कई वर्षों से जुड़ा है। पति भी साथ दिल्ली जा रहे हैं। वह अपने बच्चों से बोल कर आईं हैं कि दिल्ली से जीतकर ही वापस आएंगे। गुरदेव कौर मोगा जिले के चंद पुराना गांव की रहने वाली हैं।
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डबवाली बॉर्डर पर बैरिकेड्स तोड़ते किसान।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) के बैनर तले हजारों किसानों ने बोले सो निहाल का जयकारा लगाते डबवाली बार्डर पर लगे हरियाणा पुलिस के नाके को तोड़ डाले। किसानों के हजूम के आगे हरियाणा पुलिस बेबस नजर आई और किसान आसानी से हरियाणा में दाखिल हो गए। पुलिस सड़क किनारे खड़े होकर देखती रही।
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दिल्ली की ओर कूच करते किसान।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बता दें कि गुरुवार को किसान दिल्ली जा रहे थे। हरियाणा पुलिस ने डबवाली बार्डर पर बैरिकेड लगाकर किसानों को रोक दिया था। इस पर किसानों ने वहीं धरना लगा दिया था। धरने में शामिल किसान और किसानों के परिवारों की महिलाएं रात में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करती रहीं। शुक्रवार की सुबह नित्य क्रिया के बाद चाय नाश्ता किया। इसके बाद लंगर छका।
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- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
साढ़े 11 बजे किसानों का जत्था नाके की तरफ बढ़ने लगा। किसानों ने बैरिकेड्स, पत्थर, पेड़ों के तने हटा दिए और आगे बढ़ने लगे। इस दौरान पुलिसवालों ने थोड़ा विरोध किया और बाद में चुपचाप सड़क किनारे खड़े हो गए। भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) के नेता शिंगारा सिंह मान ने कहा कि हरियाणा सरकार ने किसानों को रोकने के लिए पूरा जोर लगा दिया। किसान अपने हकों के लिए सरकार की किसी भी नाकेबंदी को पार कर सकते। अब वह दिल्ली से कृषि कानूनों को वापस करवाकर ही घर लौटेंगे।