पिता ड्राइवर हैं और बेटा 'रिंग का किंग', जिसने 'चीन की दीवार' तक तोड़ डाली। ये शख्स हर रोज 250 सीढ़ियां चढ़ता और उतरता है, जानिए इनके बारे में सब कुछ।
हम बात कर रहे हैं ओलंपियन बॉक्सर विजेंदर कुमार हैं, जो 29 अक्तूबर को 32वां जन्मदिन मना रहे हैं। इन्होंने अगस्त 2017 में 'चीन की दीवार' कहे जाने वाले बॉक्सर जुल्पिकार मियामैतियाली को हराया। विजेंदर की यह नौंवी फाइट थी।
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चैंपियन बॉक्सर विजेंद्र सिंह
- फोटो : File Photo
बॉक्सर विजेंदर कुमार ने देश को ओलपिंक में बॉक्सिंग में पहला पदक जिताया था। 29 अक्टूबर, 1985 में हरियाणा के भिवानी में जन्में विजेंद्र के पिता महिपाल सिंह बेनीवाल हरियाणा रोडवेज़ में बस ड्राईवर हैं। उनकी मां गृहणी हैं। विजेंद्र बेहद निम्न मध्यम वर्गीय परिवार से जुड़े हैं।
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प्रोफेशनल बॉक्सर विजेंदर सिंह
विजेंद्र सिंह ने अपनी शुरुआती पढाई भिवानी से ही पूरी की है। उन्होंने भिवानी के कॉलेज से स्नातक की पढाई की। विजेंद्र सिंह को कॉलेज के दिनों से ही मुक्केबाजी और कुश्ती का शौक था, वह इसकी प्रैक्टिस भिवानी बॉक्सिंग क्लब में करते थे। उन्होंने कोचिंग का प्रशिक्षण भारतीय बॉक्सिंग कोच गुरबक्श सिंह संधू से लिया हैं।
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प्रोफेशनल बॉक्सर विजेंदर सिंह
विजेंद्र को बचपन से ही बॉक्सिंग का बहुत शौक था। विजेंद्र और उनके भाई अकसर दोनों आपस में मिलकर बॉक्सिंग किया करते थे। दोनों भाई घर में ही बॉक्सिंग बैग बनाकर उससे बॉक्सिंग किया करते थे। वे बैग में फर्निचर की दुकान से इक्ट्ठा लकड़ी के टुकड़ों को भरकर बॉक्सिंग करते थे। विजेंद्र सिंह ने देश के लिए कई पुरस्कार जीते हैं।